क्षेत्रीय
19-May-2026
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- तेजस्वी प्रसाद यादव पटना, (ईएमएस)। राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने मंगलवार को 01, पोलो रोड स्थित अपने निवास पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में नई सरकार को बने हुए एक महीने से ऊपर हो गया है ,लेकिन सरकार महिलाओं पर होने वाले अत्याचार, बलात्कार और हत्याओं के मामले को रोकने में पूरी तरह से विफल रही है। इन्होंने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा के मामले में पूरी तरह से फेल है। जब से नई सरकार बनी है महिलाओं पर अत्याचार और बलात्कार की घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है और ऐसा लगता है कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। महिलाओं की सुरक्षा के मामले में पूरी तरह से सरकार असमर्थ दिखाई दे रही है। और इस मामले को रोकने की दिशा में सरकार गंभीर नहीं है। आज बिहार के लोग इस चिंता में हैं की गैंगरेप और महिलाओं के बलात्कार और हत्या के मामले में सरकार फेल क्यों है। अपराधी आम जनों और महिलाओं पर कहर बनकर टूट रहे हैं। सरकार महिलाओं के मामले पर कब अपराधियों पर कार्रवाई करेगी यह स्पष्ट करना चाहिए। बिहार में जो सरकार बनी है यह सेलेक्टेड सरकार है। सरकार महिलाओं और जनता के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। बिहार सरकार में तीन पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे कैबिनेट में है। कोई दिन भी ऐसा नहीं होता है कि महिलाओं पर बलात्कार और अत्याचार की घटनाएं ना हो रही हो। तेजस्वी यादव ने पूरे राज्य भर में महिलाओं के साथ हो रहे घटनाओं का तिथिवार ब्यौरा देते हुए कहा कि कोई दिन ऐसा नहीं होता है जब बिहार के किसी न किसी जिले में बलात्कार और अत्याचार के साथ महिलाओं की हत्या नहीं हो रही हो। इन्होंने कहा कि जो भी ब्यौरा वह दे रहे हैं वो अखबारों में जो छपे हैं उसी का विवरण है। सरकार में बैठे हुए लोगों को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है ,जब हम इस मामले को उठाते हैं और सवाल खड़ा करते हैं तो इन लोगों को बेचैनी हो जाती है। इन्होंने बिहार के संवेदनशील और जागरूक नागरिकों से इस तरह के मामले पर खड़े होकर सवाल सरकार के लोगों से करने की बात कही और कहा कि आंकड़ों के साथ जो बातें हम रख रहे हैं उसमें पूरी तरह सच्चाई है। इन्होंने आगे कहा कि बिहार में महिलाओं की सुरक्षा के साथ साथ उनके स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ किया जा रहा है, 65 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी है। महिलाओं को पौष्टिक भोजन तक नहीं उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जीविका दीदी के साथ किस तरह से अन्याय हो रहा है ये स्पष्ट रूप से दिख रहा है उन्हें गैस सिलेंडर तक उपलब्ध नहीं कराये जा रहे हैं। बिहार में महिला सशक्तिकरण के नाम पर सरकार में बैठे हुए लोग सिर्फ आईवास कर रहे हैं और दिखावा की राजनीति कर रहे हैं। महिला सशक्तिकरण के नाम पर किस तरह से कार्य हो रहा है यह बिहारवासी जानना चाहते हैं। इन्होंने कहा कि चुनाव में वोट के लिए महिलाओं को दस दस हजार रुपए दिए गए, लेकिन अब उन्हें बकाया राशि या दूसरा किस्त क्यों नहीं दिया जा रहा है सरकार को बताना चाहिए। बिहार में महिलाओं को बकाया दो लाख रूपया नहीं दिया जाएगा तो महिलाएं भी आने वाले समय में भाजपा और एनडीए को फिनिश कर देगी। प्रधानमंत्री लोगों से और महिलाओं से सोना साल भर नहीं खरीदने की बात कर रहे हैं ,लेकिन महिलाओं के लिए कोई योजनाएं नहीं ला रहे हैं। बिहार में लूट का साम्राज्य कायम है और 71,000 करोड़ का हिसाब नहीं दिया जा रहा है। बिहार में फोटो शूट वाली सरकार है। महिलाएं स्वयं को सुरक्षित नहीं महसूस कर रही हैं, सरकार ला एण्ड आर्डर को सुधारने की दिशा में कौन सा रोड मैप लायी है, यह बताएं। बिहार में महिलाएं घर में भी सुरक्षित नहीं है। स्कूल हो या घर सभी जगह महिलाओं के साथ अत्याचार और बलात्कार की घटनाएं हो रही है। बिहार में एक महीने की सरकार को बताना चाहिए कि आखिर महिलाओं के साथ इतना अन्याय क्यों हो रहा है जहां छोटी-छोटी बच्चियों के साथ अत्याचार और बलात्कार की घटनाएं हो रही है वहीं उनकी हत्या भी कर दी जा रही है। मंत्री के घर के सामने लड़की का शव मिलता है। स्कूल में लड़की का शव मिलता है। आखिर महिलाओं पर इस तरह से अत्याचार कब तक होते रहेंगे और सरकार में बैठे हुए लोग कब तक अपनी वाह वाही करते रहेंगे। बालिका गृह कांड के मामले में कब तक न्याय मिलेगा। सरकार के द्वारा सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें और घोषणा की जा रही है अमल में कुछ नहीं हो रहा है। ईमानदार अधिकारियों को साईड लाइन कर दिया गया है।इन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए और आम जनों के हितों में ज्वलंत सवाल पर राष्ट्रीय जनता दल सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन और संघर्ष करेगा। इस अवसर पर विधायक डॉ.उर्मिला ठाकुर, अनीता देवी, मुन्नी रजक, करिश्मा राय, राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अनीता भारती, प्रदेश प्रवक्ता सारिका पासवान, मुख्यालय प्रभारी मुकुंद सिंह, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आयशा फतीमा उपस्थित थीं।