पटना, (ईएमएस)। बिहार जद(यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बयान जारी कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बोलने से पहले अपने गिरेबां में झांकने की नसीहत दी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लालू परिवार में महिलाओं को कितना सम्मान मिलता है, यह अब किसी से छिपा नहीं है। विडंबना यह है कि आज वही लोग महिलाओं के हिमायती होने का राजनीतिक ढोंग कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तेजस्वी यादव समेत पूरा विपक्ष मुद्दों के घोर अकाल से जूझ रहा है और अनाप-शनाप बयानबाजी के जरिए जनता के बीच भ्रम फैलाने की असफल कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति विपक्ष के इस दोहरे चरित्र को बिहार की आधी आबादी भलीभांति समझ चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि तेजस्वी यादव को अपने माता-पिता के शासनकाल के काले अतीत में जरूर झांकना चाहिए, जब महिलाएं भय के माहौल में जीने को मजबूर थीं और चैखट के बाहर कदम रखना भी मुश्किल था। उस दौर में बेटियों का स्कूल और काॅलेज जाना तक दूभर हो गया था। अपराधियों का ऐसा बोलबाला था कि थानों में मुकदमे दर्ज तक नहीं होते थे। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। मौजूदा सरकार अपराधियों को संरक्षण देने के बजाय उन्हें सलाखों के पीछे भेजने का काम कर रही है। अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ बेटियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद नीतीश कुमार की कल्याणकारी नीतियों का ही परिणाम है कि महिलाएं आज शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी के हर क्षेत्र में आगे बढ़़ रही हैं। राजद शासनकाल में महिलाओं की साक्षरता दर जहां लगभग 33.57 प्रतिशत थी, वहीं आज यह बढ़़कर करीब 74 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बिहार आज एक मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित हो चुका है।