पटना, (ईएमएस)। जद (यू) के प्रदेश प्रवक्ता हिमराज राम एवं प्रदेश प्रवक्ता परिमल कुमार ने जारी बयान में कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार द्वारा वर्षों से उद्योग, कौशल विकास और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई नीतियों का सकारात्मक परिणाम आज पूर्वी चंपारण में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद जिस प्रकार स्थानीय उद्यमियों, प्रवासी कारीगरों और युवाओं ने मिलकर रेडिमेड गारमेंट सेक्टर को नई ऊंचाई दी है, वह सुशासन और विकास आधारित नीति की सफलता का प्रमाण है। पूर्वी चंपारण का आज रेडिमेड गारमेंट उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में उभरना इस बात का उदाहरण है कि यदि सरकार सही दिशा, आधारभूत सुविधाएं और प्रोत्साहन दे तो बिहार का युवा अपने राज्य में ही रोजगार और उद्योग का नया इतिहास लिख सकता है। माननीय नीतीश कुमार ने वर्षों पहले ही स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण, महिला सशक्तिकरण, लघु एवं कुटीर उद्योगों के विस्तार तथा उद्योग-अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में जो पहल की थी, उसका परिणाम अब धरातल पर दिख रहा है। आज जिले में करीब 493 रेडिमेड कपड़ा फैक्ट्रियों का संचालन होना और वहां जींस, शर्ट, टी-शर्ट सहित विभिन्न परिधानों का निर्माण होना इस बात का संकेत है कि बिहार अब केवल उपभोक्ता राज्य नहीं, बल्कि उत्पादन और निर्यात का भी मजबूत केंद्र बन रहा है। यह गौरव की बात है कि पूर्वी चंपारण में बने वस्त्रों की मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंच चुकी है। वर्ष 2022-23 में 113 करोड़ रुपए का निर्यात बढ़कर 2024-25 में 248.7 करोड़ रुपए तक पहुंच जाना अभूतपूर्व उपलब्धि है। बिहार के कुल कपड़ा निर्यात में पूर्वी चंपारण की 67.2 प्रतिशत हिस्सेदारी यह दर्शाती है कि राज्य सरकार की उद्योग नीति और स्थानीय स्तर पर दिए गए प्रोत्साहन ने नए औद्योगिक माहौल का निर्माण किया है। नीतीश कुमार की दूरदर्शी नीतियों ने बिहार में रोजगार, उद्योग और निवेश के लिए भरोसे का वातावरण तैयार किया है। यही कारण है कि बाहर काम करने वाले कारीगर अब अपने जिले लौटकर उद्यम स्थापित कर रहे हैं और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।