ज़रा हटके
20-May-2026
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लंदन (ईएमएस)। अमेरिका, इजराइल एवं ईरान युद्ध और होर्मुज संकट के बीच जलवायु वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में पृथ्वी को एक शक्तिशाली सुपर अलनीनो का सामना करना पड़ सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं, तो साल के अंत तक वैश्विक मौसम प्रणाली में भारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्रशांत महासागर में तेजी से बढ़ते तापमान और समुद्र के भीतर बन रही असामान्य गर्म जलधाराओं ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में केल्विन वेव्स नाम की गर्म जलधाराएं तेजी से पूर्व दिशा की ओर बढ़ रही हैं। आमतौर पर यह स्थिति अल नीनो के मजबूत होने का संकेत मानी जाती है। समुद्र की सतह के नीचे तापमान में लगातार वृद्धि, व्यापारिक हवाओं का कमजोर पड़ना और महासागर की सतह का असामान्य रूप से गर्म होना ऐसे संकेत हैं, जिन पर वैज्ञानिक लगातार नजर बनाए हुए हैं। अल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु प्रक्रिया है, जिसमें मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है। इसका प्रभाव पूरी दुनिया के मौसम पर पड़ता है। जब यह प्रक्रिया अत्यधिक शक्तिशाली हो जाती है, तो उसे सुपर अल नीनो कहा जाता है। इससे पहले 1982-83, 1997-98 और 2015-16 में आए सुपर अल नीनो ने कई देशों में भीषण बाढ़, सूखा, जंगलों में आग, अत्यधिक गर्मी और कृषि संकट जैसी गंभीर स्थितियां पैदा की थीं। विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस बार जलवायु परिवर्तन भी इस प्रक्रिया को और ज्यादा खतरनाक बना सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्रीनहाउस गैसों के लगातार बढ़ते उत्सर्जन के कारण महासागर पहले ही अतिरिक्त गर्मी जमा कर चुके हैं। ऐसे में यदि सुपर अल नीनो विकसित होता है, तो वैश्विक तापमान नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इसका असर कई देशों में अलग-अलग रूप में दिखाई दे सकता है। दक्षिण अमेरिका और एशिया के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के कई क्षेत्रों में गंभीर सूखे की स्थिति बन सकती है। भारत में भी मानसून के पैटर्न पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर तमिलनाडु और चेन्नई जैसे तटीय इलाकों में उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान अत्यधिक बारिश और बाढ़ की संभावना बढ़ सकती है। सुदामा/ईएमएस 20 मई 2026