साई और बॉक्सिंग फेडरेशन विवाद से भी खिलाड़ियों की तैयारी प्रभावित हुई नई दिल्ली (ईएमएस)। महिला मुक्केबाज निखत जरीन की नजरें अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलों पर लग गयी हैं। निखत को हाल ही में एशियाई और राष्ट्रमण्डल खेलों के ट्रॉयल्स में हार का सामना करना पड़ा था जिससे वह निराश हैं। निखन ने इसका एक कारण भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और बॉक्सिंग फेडरेशन के प्रशासनिक विवाद को भी बताया और कहा कि इन दोनों संस्थाओं के बीच तनाव का सीधा असर खिलाड़ियों की तैयारी पर पड़ा और मुक्केबाज बीच में फंसकर रह गए हैं। ट्रॉयल मुकाबले में हार के कारणों को लेकर इस मुक्केबाज ने कहा कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह थक चुकी थीं। वह जनवरी 2025 से लगातार टूर्नामेंट खेल रही हैं और घर पर पर्याप्त समय भी नहीं बिता पा रही थीं। निखत जरीन को भारतीय मुक्केबाजी की सबसे मजबूत पदक दावेदारों में गिना जाता है। ऐसे में उनका ट्रायल से बाहर होना खेल जगत के लिए बड़ा झटका माना जा रहा हैं।निखत ने कहा कि अब वह अपनी गलतियों पर काम करेंगी और मजबूत वापसी के प्रयास करेगी। उन्होंने साफ किया कि उनका अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक के क्वालीफायर होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय मुक्केबाजी महासंघ जब भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता की घोषणा करेगा, वह पूरी तैयारी के साथ वापसी करेंगी। निखत के अनुसार राष्ट्रीय शिविर 26 मई से शुरू होना था, लेकिन मंजूरी नहीं मिलने के कारण खिलाड़ी संशय में रहे। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में उनके पास उचित प्रशिक्षण केंद्र नहीं है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई थीं। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को रोजाना वजन कम करने के सख्त लक्ष्य दिए गए थे। मुक्केबाजों को शारीरिक परीक्षण, ताकत परीक्षण और बीप टेस्ट से गुजरना पड़ा, लेकिन बाद में बताया गया कि इन अंकों को अंतिम चयन में शामिल ही नहीं किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बन गया था। वहीं महिला टीम के मुख्य कोच सैंटियागो नीवा ने भी निखत का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि निखत अनुभवी खिलाड़ी हैं और भविष्य में मजबूत वापसी कर सकती हैं। गिरजा/ईएमएस 20मई 2026