राज्य
20-May-2026
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* भूपेन्द्र पटेल ने कहा - चुनावी खर्च घटेगा, सरकारी तंत्र पर दबाव कम होगा और जनभागीदारी बढ़ेगी गांधीनगर (ईएमएस)| ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर राज्यों की प्रतिक्रियाएं और सुझाव लेने के लिए गुजरात के दौरे पर आई संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के समक्ष मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से साकार होगी। बुधवार को गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में जेपीसी द्वारा आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों से अधिक समय में हम अनेक संवैधानिक सुधारों के गवाह बने हैं, जिनमें ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’, ‘वन नेशन, वन टैक्स’, ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’, ‘वन नेशन, वन ग्रिड’, और ‘वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन’ जैसी पहलें शामिल हैं। इन सभी सुधारों से प्रशासन में एकरूपता आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर देश की विकास यात्रा में सुशासन के साथ-साथ स्पष्ट नीति और जनभागीदारी बहुत ही आवश्यक है, और इसके लिए ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ देश के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में इस बात का भी जिक्र किया कि देश की आजादी के बाद लगातार 15 वर्षों तक लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हुए थे, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता के कारण वह व्यवस्था टूट गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गुजरात जैसे विकसित राज्य में दूसरे प्रदेशों के लाखों श्रमिक काम करते हैं। लगातार होने वाले चुनावों के कारण इन श्रमिकों के एक बड़े वर्ग को अपना वोट देने के लिए अपने गृह राज्य में जाना पड़ता है। इसके चलते, गुजरात राज्य के उत्पादन पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने इन मुद्दों पर विस्तार से रोशनी डालते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में बडेा पैमाने पर लॉजिस्टिक, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर की जरूरत पड़ती है। इसके कारण ज्यादातर सरकारी तंत्र चुनावी कार्यों में व्यस्त रहता है। इसके अलावा, इन सबके पीछे होने वाला खर्च भी राज्य सरकार को वहन करना पड़ता है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस संवैधानिक सुधार को राष्ट्रहित से जुड़ा बताया और कहा कि भारत के जीवंत लोकतंत्र में जनता की भागीदारी बढ़ाने और चुनावी प्रक्रिया में नागरिकों का उत्साह बढ़ाने में यह सुधार महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री ने यह विचार भी व्यक्त किया कि इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं सुनने के लिए आई जेपीसी को ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के मुद्दे पर अन्य राजनीतिक दलों के विविध विचार भी जानने को मिलेंगे, और इन सभी विचारों को एकसूत्र में बांधने से एक नया मार्ग मिलेगा। सतीश/20 मई