राज्य
20-May-2026


:: पिछले दो माह में 3000 से अधिक भवनों में लगे सिस्टम; पात्रता के अनुसार फिल्टर निशुल्क देगा निगम, मेयर 311 पोर्टल पर कर सकेंगे आवेदन :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर शहर में लगातार गिरते भूजल स्तर और गरमी के मौसम में तेजी से सूखते नलकूपों (बोरवेल) के कारण उत्पन्न हो रही जल संकट की विभीषिका को देखते हुए नगर निगम ने वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) को लेकर व्यापक अभियान शुरू किया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने जल है तो कल है के ध्येय वाक्य के साथ शहर के नागरिकों से अनिवार्य रूप से अपने घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपनाने की अपील की है। इस मुहिम के अंतर्गत नगर निगम द्वारा स्वयं भी शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों, शासकीय कार्यालयों और उद्यानों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। कोई भी सजग नागरिक अपने भवन में यह सिस्टम लगवाने के लिए मेयर 311 हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से अथवा अपने नजदीकी जोनल कार्यालय में जाकर सीधे आवेदन कर सकता है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रणाली की उपलब्धता और नियमों के अनुसार नागरिकों को इस सिस्टम के लिए फिल्टर पूरी तरह निशुल्क प्रदान किए जाएंगे। निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दो महीनों के भीतर ही शहर के 3000 से अधिक निजी व व्यावसायिक भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं। उन्होंने इंदौर को जल आत्मनिर्भर बनाने के लिए नागरिकों से आग्रह किया है कि वे स्वयं इस व्यवस्था से जुड़ने के साथ-साथ अपने आस-पड़ोस के अन्य लोगों को भी जल संरक्षण के इस महाभियान के लिए प्रेरित करें। तकनीकी दिशानिर्देशों के तहत निगम ने वर्षा जल संचयन के सही तरीकों की सलाह भी जारी की है। इसके तहत आगामी मानसूनी वर्षा से पूर्व मकानों की छतों व पाइपों की अनिवार्य सफाई करने, शुरुआती प्रदूषित पानी को बाहर निकालने के लिए फर्स्ट फ्लश सिस्टम व फिल्टर का उपयोग करने, जल संचयन टैंक को पूरी तरह ढककर रखने तथा केवल सुरक्षित निर्माण सामग्रियों के इस्तेमाल की बात कही गई है। इसके विपरीत, गंदे पानी के सीधे जमीन में जाने, जहरीले रसायनों या कचरे से युक्त छतों से जल संग्रहण करने तथा टैंक के रखरखाव में लापरवाही बरतने से सख्ती से बचने की हिदायत दी गई है। निगम के अनुसार, सामूहिक रूप से वर्षा जल संचयन अपनाने से न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा और जल की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, वर्षा काल में जलभराव (बाढ़) की समस्या पर नियंत्रण और भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित रखने में बड़ी मदद मिलेगी। प्रकाश/20 मई 2026