राष्ट्रीय
21-May-2026


रांची,(ईएमएस)। झारखंड के चाईबासा में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया है। यहां एक मां ने अपने ही डेढ़ माह के नवजात बच्चे को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हुई। घटना इतनी भयावह थी कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने अपने दूसरे करीब तीन साल के बच्चे को भी इसी तरह फेंकने का प्रयास किया, लेकिन कोच में मौजूद सतर्क यात्रियों ने तत्परता दिखाकर बच्चे को बचा लिया और महिला के इरादों को नाकाम किया। यह दिल दहला देने वाली वारदात हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में राजखरसावां और महालीमरूप स्टेशन के बीच हुई। यात्रियों ने तत्काल महिला और उसके पति को पकड़कर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के हवाले किया। सूचना मिलते ही आरपीएफ सिनी पोस्ट के जवान सक्रिय हुए और घंटों के सर्च अभियान के बाद महालीमरूप व राजखरसावां स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक किनारे मासूम बच्चे का शव बरामद किया। इस घटना से पूरे इलाके में मातम और गहरा सदमा फैल गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला की पहचान मुद्रावती गोप के रूप में हुई है, जो पश्चिम सिंहभूम जिले के मझगांव क्षेत्र की निवासी है। उसके पति ने अपना नाम शाहबुद्दीन बताया है, जो पश्चिम बंगाल का निवासी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, करीब चार साल पहले शाहबुद्दीन मुद्रावती को भगाकर ले गया था और दोनों ने शादी कर ली थी, जिसके बाद महिला का नाम बदलकर हसीना बेगम रखा और वे हैदराबाद में छुपकर रह रहे थे। मुद्रावती के परिजनों ने शाहबुद्दीन के खिलाफ बेटी को अगवा करने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते शाहबुद्दीन अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ मझगांव थाना आ रहा था, तभी यह खौफनाक घटना हुई। फिलहाल, आरोपी महिला को चाईबासा रेलवे स्टेशन पर हिरासत में ले लिया गया है और जीआरपी, आरपीएफ तथा स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से उससे गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि आखिर एक मां ने अपने ही मासूम बच्चे के साथ इतना निर्मम और अौसत कदम क्यों उठाया। आशीष दुबे / 21 मई 2026