- सरकारी विद्यालयों में प्रतिदिन शुरू हुआ चेतना सत्र - अनुशासन व संस्कार निर्माण पर विशेष जोर मधुबनी, (ईएमएस)। मधुबनी जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में छात्रों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, नैतिक मूल्यों तथा सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के निर्माण को लेकर जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी द्वारा जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को विद्यालयों में नियमित एवं प्रभावी चेतना सत्र संचालित कराने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय केवल पाठ्य पुस्तक आधारित शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे में विद्यालयों में प्रतिदिन आयोजित होने वाला चेतना सत्र बच्चों में अनुशासन, समय बद्धता, स्वच्छता, नैतिकता, स्वास्थ्य जागरूकता एवं राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम बनेगा। निर्देश के अनुसार सभी विद्यालयों में चेतना सत्र का संचालन ग्रीष्मकालीन समय में प्रातः 6.30 बजे तथा शीतकालीन समय में प्रातः 9.30 बजे पूर्वाह्न तक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। चेतना सत्र के लिए आवश्यक सामग्री समय पर तैयार रखने एवं उसके प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी संबंधित शिक्षकों एवं विद्यालय प्रधानों को दी गई है। जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में विद्यालयों में चेतना सत्र की शुरुआत हो गई है। चेतना सत्र के दौरान विद्यालय के सभी बच्चों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षकों को यह दायित्व सौंपा गया है कि वे अपने वर्ग के प्रत्येक छात्र की उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा अनुपस्थित छात्रों की जानकारी संधारित करें। विद्यालयों में चेतना सत्र के अंतर्गत प्रार्थना, योगाभ्यास, खेलकूद, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, स्वच्छता, नैतिक शिक्षा तथा प्रेरणादायक गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। विशेष रूप से बच्चों के नाखून, बाल एवं व्यक्तिगत स्वच्छता की नियमित जांच कर उन्हें साफ-सफाई एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रत्येक कक्षा के लिए मॉनिटर का चयन किया जाए, जो चेतना सत्र एवं कक्षा संचालन में सहयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त विद्यालयों में सदन व्यवस्था, पुस्तकालय गतिविधियों, खेल सामग्री एवं छात्र-छात्राओं की रचनात्मक सहभागिता को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। विद्यालय प्रधानों एवं प्रधान शिक्षकों को चेतना सत्र से संबंधित गतिविधियों का फोटो एवं वीडियो प्रतिदिन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा प्रत्येक माह उत्कृष्ट आयोजन करने वाले विद्यालयों का चयन कर उनकी सूची जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को भेजी जाएगी। ताकि बेहतर कार्य करने वाले विद्यालयों को प्रोत्साहित किया जा सके। चेतना सत्र में शिक्षक बच्चों को किसी महान व्यक्तित्व के जीवन उनके संघर्ष आदर्श विचारों एवं प्रेरणादायक कार्यों के बारे में बताएंगे एवं इससे सीख लेकर बच्चों को ईमानदारी, अनुशासन, परिश्रम एवं देश प्रेम जैसे गुणों को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में केवल उपस्थिति बढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर सकारात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और अनुशासन की भावना विकसित करना है। यह पहल शिक्षा के साथ संस्कार आधारित वातावरण निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्तिक कुमार/संतोष झा- २१ मई/२०२६/ईएमएस