- जातिसूचक गालियां देने और मारपीट की कोशिश का आरोप बस स्टैंड स्थित शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन मण्डला (ईएमएस)। आदिवासी बाहुल्य जिले के विकासखंड मुख्यालय घुघरी से एक बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण मामला सामने आया है। यहाँ देशी शराब दुकान से अवैध तरीके से शराब ले जाए जाने का विरोध करने पर एक स्थानीय आदिवासी युवक के साथ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर गाली-गलौज की गई और मारपीट की कोशिश की गई। इस घटना से आक्रोशित होकर बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने घुघरी थाने का घेराव कर दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने शराब दुकान संचालक पर रसूख के घमंड में आदिवासियों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए दुकान को मुख्य बस स्टैंड से हटाने की मांग की है। जानकारी अनुसार घुघरी स्थित देशी शराब दुकान से अवैध तरीके से शराब का परिवहन किया जा रहा था। इसे देखकर गाँव के सजग युवाओं ने जब इसका विरोध किया, तो शराब दुकान के स्टाफ और संचालक दादागिरी पर उतर आए। पीडि़त युवक अंकुर उइके ने बताया कि विरोध दर्ज कराने पर आरोपियों ने उसके साथ बदतमीजी की। अंकुर का आरोप है कि उसे गोंड समाज का नाम लेकर सरेआम जातिसूचक गालियाँ दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों ने अहंकार दिखाते हुए कहा तुमको जो करना है कर लो, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा। बात यहीं नहीं रुकी, आरोपियों ने अंकुर की गर्दन पकड़कर उसे जबरन शराब दुकान के अंदर खींचने का प्रयास भी किया। पैसे के घमंड में आदिवासियों को दबाने का आरोप घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब दुकान संचालक पैसे और रसूख के घमंड में चूर है। वह अक्सर गरीब और आदिवासी वर्ग के लोगों को इसी तरह दबाने और कुचलने की धमकी देता है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में इस तरह सरेआम एक आदिवासी युवक का अपमान और प्रताडऩा किए जाने से पूरे समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। थाने में प्रदर्शन कर की मांग घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामवासी और युवा लामबंद होकर घुघरी थाना पहुंचे और घेराव कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के सामने मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं। जिसमें अंकुर उइके के साथ अभद्रता, मारपीट की कोशिश और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। मुख्य बस स्टैंड पर शराब दुकान होने के कारण क्षेत्र का पूरा वातावरण दूषित हो चुका है। शराबी तत्वों के कारण महिलाओं, बच्चियों और आम राहगीरों का वहाँ से गुजरना मुश्किल हो गया है। इसलिए इस दुकान को यहाँ से बंद कर किसी अन्य सुदूर स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। पुलिस जांच में जुटी, ग्रामीण अड़े ग्रामीणों का दो टूक कहना है कि मुख्य बस स्टैंड पर शराब दुकान होने से आए दिन विवाद होते हैं। आज हमारे समाज के युवा के साथ जो हुआ, वह बर्दाश्त से बाहर है। जब तक इस दुकान को यहाँ से नहीं हटाया जाता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल मुस्तैद है। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी और दुकान हटाने की कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। ईएमएस / 21/05/2026