क्षेत्रीय
21-May-2026
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- विभागीय कर्मचारियों से दर्ज कराई गईं सैकड़ों शिकायतें, ग्रेडिंग बढ़ाने के लिए पोर्टल के दुरुपयोग का आरोप देवास (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के देवास जिले के स्वास्थ्य विभाग में सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। जिले के एक नागरिक द्वारा मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव को भेजे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से सैकड़ों फर्जी शिकायतें दर्ज कराकर उन्हें समय सीमा में बंद करवाया, ताकि विभाग की सीएम हेल्पलाइन ग्रेडिंग बेहतर दिखाई जा सके। शिकायतकर्ता विजय पटेल ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर यह आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच लोक स्वास्थ्य विभाग में कुल 413 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 111 शिकायतें विभागीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों के मोबाइल नंबरों से दर्ज कराई गईं। इन शिकायतों में अस्पतालों में साफ-सफाई नहीं होना, पानी की व्यवस्था नहीं होना जैसे सामान्य विषय शामिल बताए गए हैं। इसी प्रकार जिला अस्पताल के एल-1 सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज 318 शिकायतों में से 44 शिकायतें भी विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों के मोबाइल नंबरों से दर्ज होने का दावा किया गया है। सीएमएचओ पर सीधे आरोप शिकायत पत्र में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सरोजनी जेम्स बेक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों पर दबाव बनाकर फर्जी शिकायतें दर्ज कराई गई और बाद में उन्हें संतुष्टिपूर्वक बंद कराया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि स्वयं डॉ. बेक ने अपने मोबाइल नंबर से अस्पताल में साफ-सफाई नहीं होने संबंधी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि डॉ. बेक के परिजनों के मोबाइल नंबर से भी इसी प्रकार की शिकायतें दर्ज कराई गईं। इसे शासन को गुमराह करने और सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था का दुरुपयोग बताया गया है। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि फर्जी शिकायतों के कारण आम जनता की वास्तविक समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं हो पा रहा है। कई मामलों में शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाकर शिकायतें बंद कराने की बात भी कही गई है। शिकायतकर्ता ने शासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही देवास जिले से संबंधित अधिकारियों को हटाने की भी मांग की गई है। यह शिकायत मुख्यमंत्री सचिवालय, स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य आयुक्त, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई है। शिकायत के साथ कथित शिकायत प्रपत्र और मोबाइल नंबरों का विवरण संलग्न होने का दावा किया गया है।