क्षेत्रीय
21-May-2026
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- रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह को पद से हटाने की कार्यवाही शुरु - मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने एसीएस को दिए निर्देश - पुलिस ने पूछताछ के लिये गिरिबाला सिंह को जारी किया तीसरा नोटिस - फरार पति अग्रिम जमानत के लिये पहुचां हाईकोर्ट - प्रभावशाली लोगों, सीसीटीवी टेक्नीशियन को किए गए कॉल पर भी उठे सवाल - राजनीतिक दलों और सेलिब्रिटीज की भी एंट्री भोपाल(ईएमएस)। राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। सूत्रो के अनुसार प्रकरण में आरोपी रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह को जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष पद से हटाने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। इसको लेकर शासन ने प्रक्रिया शुरू करते हुए आयोग के रजिस्ट्रार को पत्र भी लिख दिया है। ऐसे में अब माना जा रहा है, कि जल्द ही शासन जल्द ही पूरे मामले की जांच कर उन्हें पद से हटा सकता है। - विभाग ने मांगी एफआईआर और जॉच रिर्पोट खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने भी एफआईटार और जांच रिपोर्ट मांगी है। ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह जिला उपभोक्ता आयोग भोपाल-2 की अध्यक्ष हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ये देखेगा कि क्या गिरिबाला सिंह दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या के मामले में जमानत मिलने के बाद पद पर बनी रह सकती हैं। जांच के बाद गिरिबाला सिंह की नियुक्ति को लेकर निर्णय लिया जाएगा। - मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने एसीएस को दिए निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है की विभाग के एसीएस (एसीएस) से चर्चा कर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पूरा विभाग और सरकार पीड़ित परिवार के साथ है, एसीएस को निर्देश दिए गए हैं, कि उपभोक्ता संरक्षण नियमों के तहत जांच रिपोर्ट मंगाकर उचित विधिक कार्रवाई की जाए। गौरतलब है की ट्विशा शर्मा के परिजनों ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल को पत्र लिखकर मांग की थी, कि गिरिबाला सिंह न्यायिक पद पर हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें तुरंत पद से हटाया जाए। - पुलिस ने पूछताछ के लिये गिरिबाला सिंह को जारी किया तीसरा नोटिस सहयोग न करने पर अग्रिम जमानत निरस्त कराने कोर्ट जायेगी पुलिस जानकारी के मुताबिक मामले में अग्रिम जमानत मिलने पर भोपाल पुलिस ने ट्विशा की सास, पूर्व जिला जज और कंज्यूमर फोरम की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह को पूछताछ के लिए तीसरा नोटिस जारी किया है। गिरिबाला सिंह को 15 मई को 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर अग्रिम जमानत मिली थी। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार का कहना है, कि गिरिबाला सिंह जांच में सहयोग नहीं करती हैं, तो पुलिस कोर्ट से उनकी अग्रिम जमानत निरस्त करने का आग्रह करेगी। मामले में दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। - फरार पति अग्रिम जमानत के लिये पहुचां हाईकोर्ट प्रकरण में गिरिबाला सिंह के बेटे और पेशे से वकील आरोपी समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत जिला अदालत ने 18 मई को खारिज कर दी थी। भोपाल की कोर्ट से अग्रिम जमानत निरस्त होने पर समर्थ ने गिरफ्तारी से बचने के लिये हाई कोर्ट की शरण ली है। समर्थ सिंह फिलहाल फरार है, उसकी गिरफ्तारी पर 30 हजार का इनाम घोषित करने के साथ ही लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। फरार सामर्थ सिंह की तलाश में पुलिस की टीम हरियाणा पहुंच गई है। जहां पुलिस उसके ठिकानों पर दबिश दे रही है। फरार होते ही उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर दिया है। इतना ही नहीं उसे डिजीटल एकाउंट भी बंद कर दिया है। आरोपी सामर्थ को पकड़ने के लिए करीब क्राइम ब्रांच के अलावा आधा दर्जन टीमें लगी हुई हैं। - परिवार का आरोप गिरिबाला सिंह ने प्रभावशाली लोगों, सीसीटीवी टेक्नीशियन को किये कॉल ट्विशा शर्मा मौत मामले में मृतका के परिजनों ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से जुड़े 46 मोबाइल नंबरों की सूची सार्वजनिक कर मामले में गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि ट्विशा की मौत के अगले ही दिन उसकी सास यानी पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह ने कई प्रभावशाली लोगों, न्यायिक अधिकारियों और सीसीटीवी टेक्नीशियन से संपर्क किया। परिवार का आरोप है कि इन कॉल्स की टाइमिंग और संख्या संदेह पैदा करती है। उनका आरोप है कि मामले को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। परिजनों द्वारा जारी जानकारी के अनुसार कॉल रिकॉर्ड में एक नंबर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) से जुड़ा बताया गया है, जिस पर 13 मई को कई बार बातचीत हुई। वहीं एक अन्य नंबर मध्य प्रदेश की एक प्रमुख जांच एजेंसी से जुड़े अधिकारी का होने का दावा किया जा रहा है। मृतका के पिता का कहना है कि इन नंबरों की सूची मामले की जांच कर रही एसआईटी को भी दी है। - सीसीटीवी टेक्नीशियन को किए गए कॉल पर भी सवाल मामले में दो ऐसे नंबरों का भी जिक्र किया गया है, जिन्हें सीसीटीवी कैमरे लगाने वाले टेक्नीशियन विनोद वाणी और रोहित विश्वकर्मा का बताया जा रहा है। परिवार का आरोप है कि ट्विशा की मौत के अगले दिन इन लोगों को फोन किए गए, जबकि पहले से ही सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ की आशंका जताई जा चुकी है। - कथित ऑडियो क्लिप से बढ़ा विवाद इस बीच मामले में एक कथित ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसने विवाद को और गहरा कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि ऑडियो में गिरिबाला सिंह और मेजर हर्षित शर्मा के बीच बातचीत है, जिसमें ट्विशा के निजी जीवन और पुराने रिश्तों को लेकर चर्चा की जा रही है। ऑडियो में कथित तौर पर ट्विशा के चरित्र और निजी संबंधों पर टिप्पणी सुनाई दे रही है। परिवार ने इसे मानसिक प्रताड़ना और मृतका की छवि खराब करने की कोशिश बताया है। हालांकि इस वायरल ऑडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। - शव डिकम्पोज होना शुरू हाईकोर्ट जाएंगे परिजन अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए पीड़ित परिजनों की मांग है, कि ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए और मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। पीड़ित परिवार ने ट्विशा की आरोपी सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने, दोबारा पोस्टमार्टम कराने और वायरल ऑडियो जांच की मांग उठाई है। एम्स में रखे ट्विशा शर्मा का शव करीब दस दिन से एम्स की मरचूरी में रखा हुआ है। इसलिए अब डिकम्पोज होना शुरू हो गया है। हालांकि कोर्ट ने शव को सुरक्षित रखने के आदेश कटारा हिल्स पुलिस को दिए हैं। चूंकि जिला अदालत ने दोबारा पीएम कराने से इंकार कर दिया है। ऐसे में अब परिजन हाईकोर्ट जा रहे हैं, जहां दिल्ली एम्स में उसका दोबारा पीएम कराने की मांग करेंगे। - राजनीतिक दलों और सेलिब्रिटीज की भी एंट्री ट्विशा शर्मा केस लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में राजनीतिक दलों और सेलिब्रिटीज की भी एंट्री हो गई है। कई बड़े नेता और फिल्मी हस्तियां ‘जस्टिस फॉर ट्विशा’ की मांग कर रहे हैं। इसमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि यूपी की बेटी की मध्यप्रदेश के भोपाल में हुई दहेज हत्या मामले की गंभीर जांच हो। पीड़ित परिवार को न्याय मिले। वहीं मिसेज यूनिवर्स इंडिया 2023 रही माधूरी पटले ने ट्विशा शर्मा केस में आत्महत्या के एंगल पर सवाल उठाए। उन्होंने की ट्विशा को रिश्ते में परेशानी थी, तो वह अलग होने या तलाक लेने का रास्ता भी चुन सकती थी। इसलिए यह सवाल उठता है, कि सपोर्ट सिस्टम होने के बावजूद वह आत्महत्या क्यों करेगी। तेलुगु फिल्म में ट्विशा के साथ काम कर चुकीं श्वेता वर्मा ने कहा कि शादी के सिर्फ छह महीने बाद उनका इस तरह चले जाना बेहद दुखद है। उसके साथ रहते हए कभी नहीं लगा कि वह ऐसा कदम उठा सकती हैं। - ऐसे मामलों में वैज्ञानिक सबूत अहम-किरण बेदी वहीं, पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने ट्विशा शर्मा मामले पर कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस को दोनों पक्षों के सबूत और परिजनों के बयान निष्पक्ष तरीके से लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम और ब्लड टेस्ट जैसे वैज्ञानिक सबूत बेहद अहम होते हैं। किरण बेदी ने कहा कि जांच एजेंसियां सभी सबूत और अपनी निष्पक्ष असेसमेंट कोर्ट के सामने रखती हैं, जिसके आधार पर अदालत फैसला सुनाती है। जुनेद / 21 मई