क्षेत्रीय
21-May-2026
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- सेवा शर्तें और भविष्य दोनों होंगे प्रभावित: संजय सिंह जबलपुर, (ईएमएस)। जबलपुर में आयोजित मध्यप्रदेश विधुत कर्मचारी संघ फेडरेशन बैठक में बिजली कंपनियों के निजीकरण और नई श्रम संहिता को लेकर कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और पेंशनर्स की चिंताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए बिजली फेडरेशन के राष्ट्रीय सेक्रेटरी जनरल और आल इंडिया इंटक के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. संजय सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें बिजली कंपनियों के निजीकरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ा रही हैं, लेकिन कर्मचारियों के वेतन, सेवा शर्तों और पेंशन सुरक्षा को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की जा रही है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स में भविष्य को लेकर असुरक्षा बढ़ रही है। डॉ. संजय सिंह ने कहा कि निजीकरण का सबसे अधिक असर संविदा कर्मियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों पर पड़ेगा। उन्होंने श्रम संगठनों से श्रमिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान बातचीत और समन्वय से ही संभव है। उन्होंने बताया कि नई श्रम संहिता लागू होने के बाद असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का भविष्य और अधिक असुरक्षित हो गया है, इसलिए श्रम संगठनों को पहले से अधिक सक्रिय और मजबूत भूमिका निभानी होगी। बैठक में कई श्रमिक नेताओं ने रखे विचार …….. बैठक में मध्यप्रदेश इंटक के उपाध्यक्ष रामराज्य तिवारी ने कहा कि नई श्रम संहिता लागू होने के बाद श्रमिकों और कामगारों की समस्याओं का समाधान और अधिक जटिल हो जाएगा। वहीं इंटक सचिव नरेंद्र मिश्रा ने कहा कि वे लगातार श्रमिकों के मामलों में लेबर कमिश्नर के समक्ष पैरवी कर कर्मचारियों को न्याय दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन, जबलपुर के महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने कहा कि बिजली कंपनियों के निजीकरण और नई श्रम संहिता से कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और पेंशनर्स पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि निजीकरण से पहले सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के वेतन, सेवा शर्तों और पेंशन की गारंटी सुनिश्चित की जाए। साथ ही संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने तथा किसी भी कर्मचारी को सेवा से पृथक नहीं करने की मांग भी रखी। संविदा कर्मियों के संविलयन की मांग ….. बैठक में वरिष्ठ जोनल सचिव एन के यादव ने नई भर्ती प्रक्रिया में संविदा कर्मियों के संविलयन और आउटसोर्स कर्मचारियों को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर नियमित करने की मांग उठाई। प्रांतीय उपाध्यक्ष उमाशंकर मेहता ने फेडरेशन के इतिहास और कर्मचारियों के हित में किए गए कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान अफसार अहमद, गोपाल चौहान, रामेश्वर गांगे सहित फेडरेशन के अन्य पदाधिकारी और श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन, जबलपुर की ओर से डॉ. संजय सिंह का शाल, फल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान भी किया गया। सुनील साहू / शहबाज / 21 मई 2026 / 09.00