राज्य
22-May-2026


-कई जिलों में लू और गंभीर हीटवेव को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी भोपाल,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश में नौतपा शुरू होने से पहले ही गर्मी अपने तेवर दिखाने लगी है। प्रदेश का बड़ा हिस्सा इस समय लू की चपेट में है और दिन निकलते ही सड़कें तपने लगती हैं। हालात ऐसे हैं कि सुबह 9 बजे के बाद ही लोगों को धूप झुलसा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिन हालात और गंभीर हो सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में लू और गंभीर हीटवेव को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है, लेकिन उससे पहले ही प्रदेश के कई शहरों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ऐसी आशंका है कि कहीं पारा 50 डिग्री तक ना पहुंच जाए। लगातार गर्म हवाओं और सूखी पश्चिमी हवाओं के कारण प्रदेश में राहत की संभावना कम ही नजर आ रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार नौतपा के शुरुआती 8 से 10 दिन तीखे रह सकते हैं। उत्तर भारत और मध्य भारत के बड़े हिस्से में बना हाई प्रेशर सिस्टम गर्मी को और खतरनाक बना रहा है। आईएमडी के विस्तारित पूर्वानुमान में साफ कहा गया है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में गंभीर हीटवेव की स्थिति अगले कई दिनों तक बनी रह सकती है। प्रदेश के नौगांव, खजुराहो, दतिया, छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक नौगांव में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच चुका है जबकि खजुराहो में भी पारा 46 डिग्री के करीब रहा। गर्म रातें भी लोगों की परेशान कर रही हैं क्योंकि न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। आईएमडी और मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में गंभीर लू चलने की आशंका है। बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित माने जा रहे हैं। दतिया, भिंड, छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे जिलों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति बताई जा रही है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई शहरों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। लगातार चल रही गर्म हवाओं ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आ रही हैं। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट एक्सॉशन के मरीज बढ़ने लगे हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान यदि तेज गर्मी पड़ती है तो मानसून सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि इस बार चिंता की वजह यह है कि नौतपा शुरू होने से पहले ही तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक शुष्क हवाएं, कम नमी और बादलों की अनुपस्थिति मिलकर गर्मी को और तीखा बना रही हैं। उत्तर भारत से आ रही गर्म हवाओं का असर सीधे मध्य प्रदेश पर पड़ रहा है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 22 से ज्यादा शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है। नौगांव सबसे गर्म शहरों में शामिल है। खजुराहो, रीवा, सतना, सागर और ग्वालियर में भी तापमान तेजी से बढ़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 72 घंटे सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों के लिए यह सबसे ज्यादा जोखिम हैं। लगातार पानी पीने, ओआरएस लेने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचने की सलाह दी है। सिराज/ईएमएस 22मई26