राज्य
22-May-2026


पटना, (ईएमएस)। बिहार के चर्चित 25 करोड़ रुपये के स्मैक कांड में फरार चल रहे मुख्य मास्टरमाइंड और बिहार पुलिस के सिपाही ऋषिकेश क्रांतिकारक उर्फ अनीश को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से फरारी काट रहे आरोपी को विशेष टीम ने झारखंड की राजधानी रांची से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। दरअसल बिहार के नालंदा जिले के दीपनगर नगवां निवासी ऋषिकेश क्रांतिकारक लंबे समय से पुलिस की नजर में था। जांच में खुलासा हुआ है कि उसने स्मैक तस्करी के जरिए करोड़ों की अवैध संपत्ति बनाई। राजगीर में उसका एक आलीशान बंगला भी मिला है, जिसे लेकर अब पुलिस संपत्ति जब्ती की तैयारी कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी की काली कमाई, बैंक खातों और निवेश की भी गहन जांच की जाएगी। सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात था। वर्ष 2025 में गया से उसका तबादला भागलपुर किया गया था, लेकिन उसने वहां योगदान नहीं दिया और फरार हो गया। ड्रग्स कारोबार से हो रही भारी कमाई के कारण उसने पुलिस नौकरी को ही नजरअंदाज कर दिया था। यह पूरा मामला पटना के आलमगंज थाना कांड संख्या 294/26 से जुड़ा है। पुलिस पहले ही इस मामले में दो तस्करों समस्तीपुर निवासी जितेंद्र कुमार और जहानाबाद निवासी नीतीश कुमार को भारी मात्रा में स्मैक के साथ गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा पटनदेवी इलाके के राहुल यादव समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ भी नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऋषिकेश बेहद शातिर तरीके से लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था, जिससे वह लंबे समय तक पुलिस को चकमा देता रहा। उसकी गिरफ्तारी के लिए बिहार पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही थीं। आखिरकार तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर रांची में उसकी लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान पुलिस ने पटना के आलमगंज और रामकृष्ण नगर स्थित उसके ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहां से बैंक दस्तावेज, चेकबुक, मोबाइल रिकॉर्ड और कई अहम कागजात बरामद हुए। इन दस्तावेजों से उसके स्मैक तस्करी नेटवर्क से सीधे जुड़े होने के सबूत मिले हैं। अब पुलिस इस पूरे ड्रग्स सिंडिकेट के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगालने में जुट गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के तार बिहार के कई जिलों के अलावा दूसरे राज्यों तक फैले हो सकते हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने पूछताछ की तैयारी कर रही है, ताकि सप्लाई चेन, फाइनेंसिंग नेटवर्क और बड़े ग्राहकों तक पहुंचा जा सके। पटना पुलिस का कहना है कि इस मामले में जल्द ही कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। वहीं, एक पुलिसकर्मी के इतने बड़े ड्रग्स रैकेट का सरगना बनने से पुलिस विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है। संतोष झा- २२ मई/२०२६/ईएमएस