राष्ट्रीय
22-May-2026
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सीबीआई को महाराष्ट्र-राजस्थान में पेपर के प्रिंट निकालकर बेचने के सबूत मिले नई दिल्ली,(ईएमएस)। सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि नीट का पेपर पांच राज्यों में बिका था। सबसे ज्यादा बिक्री महाराष्ट्र में हुई और दूसरे नंबर पर राजस्थान है। एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि अब तक गिरफ्तार हुए आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल गैजेट्स खंगालने के बाद यह जानकारी सामने आई है। सीबीआई का कहना है कि आगे और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पेपर लीक का मामला और बड़ा हो सकता है। इसी कारण एजेंसी अभी यह तय नहीं कर पा रही कि कितने छात्रों ने पेपर खरीदा था। जांच में सामने आया है कि कुछ परिजनों ने पेपर को आगे दूसरे लोगों को भी बेच दिया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई को महाराष्ट्र और राजस्थान में पेपर के प्रिंट निकालकर बेचने के सबूत मिले हैं। इसी वजह से अभी यह पता लगाना मुश्किल है कि पेपर कितने लोगों तक पहुंचा। जांच में अब तक सामने आया है कि पेपर लीक का सबसे बड़ा केंद्र महाराष्ट्र था। यहीं से राजस्थान और दूसरे राज्यों के छात्रों तक ‘क्वेश्चन बैंक’ पहुंचा। अब सिर्फ पेपर लीक करने वाले बिचौलिए और मास्टरमाइंड ही नहीं, बल्कि भारी रकम देकर पेपर खरीदने वाले रसूखदार माता-पिता भी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। जांच एजेंसी अब उन सभी अभिभावकों की सूची तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से शिवराज मोटेगांवकर, पी वी कुलकर्णी या उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने पेपर लीक करने और इसे बेचने वाले ज्यादातर बड़े चेहरों को बेनकाब कर दिया है, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अलावा बाहर के कुछ किरदार अभी भी शक के दायरे में हैं। इनके खिलाफ सबूत जुटाने में एजेंसी लगी हैं। वहीं, तीन टीमें पेपर खरीदने वाले परिजन और छात्रों की धरपकड़ करने की तैयारी कर रही हैं। 20 मई रात को महाराष्ट्र से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है और सीबीआई जल्द ही दूसरे राज्यों में भी छापेमारी करेगी। सिराज/ईएमएस 22मई26