राधाकृष्णन को 101 वोट, मोइदीन को 35 और गोपकुमार को 3 वोट मिले तिरुवनंतपुरम,(ईएमएस)। सात बार के कांग्रेस विधायक थिरुवनचूर राधाकृष्णन को शुक्रवार को केरल विधानसभा का अध्यक्ष चुन लिया गया। यह चुनाव एक ऐतिहासिक त्रिकोणीय मुकाबले के बाद हुआ, जिसने राज्य में नए राजनीतिक समीकरणों को उजागर किया। केरल विधानसभा के स्पीकर पद के चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ है कि सदन में प्रतिनिधित्व करने वाले तीनों राजनीतिक गठबंधनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे थे। सत्तारूढ़ यूडीएफ ने अनुभवी विधायक थिरुवनचूर राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया जबकि वाम मोर्चे ने पूर्व मंत्री एसी मोइदीन को मैदान में उतारा और एनडीए ने अपने तीन सदस्यीय दल के सदस्य बीबी गोपकुमार को प्रत्याशी बनाया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रोटेम स्पीकर जी सुधाकरण ने रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका निभाई और मतदान में हिस्सा नहीं लिया। कुल 139 विधायकों ने मतदान किया। परिणाम घोषित करते हुए उन्होंने बताया कि राधाकृष्णन को 101 वोट मिले, मोइदीन को 35 और गोपकुमार को 3 वोट मिले। घोषणा के बाद सदन में जोरदार मेज-थपथाई गई और दलों के सदस्य उन्हें बधाई देने आगे आए। एक प्रतीकात्मक और संसदीय परंपरा को दर्शाने वाले दृश्य में सीएमए वीडी सतीशन और विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने संयुक्त रूप से नए स्पीकर को उनकी कुर्सी तक पहुंचाया। सीएम सतीशन ने उन्हें विनम्र और परिपक्व व्यवहार वाला आदर्श नेता बताते हुए कहा कि वे पहले छात्र आंदोलन के दिनों में भी उनके लिए नारे लगाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि राधाकृष्णन ने करीब 17 विभाग संभाले हैं और अपने क्षेत्र के विकास पर लगातार ध्यान दिया है। विजयन ने भी उनके लंबे संसदीय और सार्वजनिक जीवन के अनुभव की तारीफ की और विश्वास जताया कि वे अपनी नई जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाएंगे। बता दें समझौता-आधारित राजनीति के लिए जाने जाने वाले राधाकृष्णन कोट्टयम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और 1987 में पहली चुनावी हारने के बाद 1991 से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। वे पूर्व सीएम ओमान चांडी के मंत्रिमंडल में मंत्री भी रह चुके हैं और अब केरल की राजनीति में एक अहम संवैधानिक पद पर कार्यभार संभाल रहे हैं। सिराज/ईएमएस 22मई26