क्षेत्रीय
22-May-2026
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-पिपरसमां स्थित केंद्र के प्रशासनिक भवन में हुई बैठक शिवपुरी (ईएमएस)।भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के जबलपुर स्थित अटारी जोन-9 एवं राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, शिवपुरी की 39वीं वैज्ञानिक परामर्श समिति की बैठक शुक्रवार को पिपरसमां स्थित केंद्र के प्रशासनिक भवन में सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य विगत छह माह अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 की प्रगति की समीक्षा एवं आगामी खरीफ 2026 के लिए सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार करना था। केंद्र प्रमुख डॉ. पुनीत कुमार ने बैठक का महत्व बताते हुए सदस्यों का स्वागत किया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मुकेश कुमार भार्गव ने पॉवर पाइंट प्रेजेंटेशन से प्रगति रिपोर्ट एवं प्रस्तावित कार्ययोजना प्रस्तुत की। निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. वाय. पी. सिंह ने कृषि में संसाधन संरक्षण तकनीकों और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के उपयोग पर जोर दिया। अटारी जबलपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने संतुलित उर्वरक उपयोग व समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने का सुझाव दिया। केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान झांसी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आर. पी. द्विवेदी ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ कृषि वानिकी से किसानों को लाभान्वित करने की बात कही। आलू अनुसंधान केंद्र ग्वालियर के प्रमुख डॉ. सुभाष कटारे ने उन्नत आलू प्रजातियों के बीज सुरक्षित रखने और अन्य किसानों तक पहुंचाने पर बल दिया ताकि बीज प्रतिस्थापन दर बढ़े। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने केवीके के कार्यों को प्रभावी बताते हुए समन्वय बढ़ाने का आश्वासन दिया। बैठक में किसान प्रतिनिधि अवधेश वर्मा, त्रिलोचन सिंह, कमलजीत कौर, जगदीश गिरी सहित स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं श्योपुर, दतिया, अशोकनगर के वैज्ञानिक भी शामिल हुए। कुल 45 सहभागी रहे। बैठक के आयोजन में डॉ. प्रशान्त कुमार गुप्ता, डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह, डॉ. सुरुचि सोनी, डॉ. नीरज कुमार कुशवाहा, सतेन्द्र गुप्ता एवं आरती बंसल का योगदान रहा। आभार प्रदर्शन डॉ. प्रशान्त कुमार गुप्ता ने किया। रंजीत गुप्ता, २२ मई, २०२६