22-May-2026
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- शुरूआती निर्माण में ही दिखीं दरारें, ग्रामीण बोले – “ऐसे बनेगा विकास?” मण्डला (ईएमएस)। नारायणगंज - ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार करोड़ों रुपये की योजनाएं चला रही है, लेकिन कई जगहों पर निर्माण कार्य शुरू होते ही गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगते हैं। ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत सुखराम में सामने आया है, जहां लगभग 25 लाख रुपये की लागत से बन रहे सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और गुणवत्ताहीन काम के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सामुदायिक भवन गांव के विकास और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा था, लेकिन निर्माण कार्य की शुरुआती स्थिति देखकर ही लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। आरोप है कि भवन निर्माण में न तो तय मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है। प्लांथ में दरारें, तराई भी अधूरी ग्रामीणों ने बताया कि भवन के प्लांथ हिस्से में अभी से दरारें दिखाई देने लगी हैं। वहीं निर्माण कार्य में आवश्यक तराई (क्योरिंग) सही तरीके से नहीं की जा रही, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण की यही स्थिति रही तो आने वाले समय में भवन जर्जर होने में देर नहीं लगेगी। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण सरकारी राशि का सही उपयोग नहीं हो पा रहा। लोगों ने यह भी कहा कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि निर्माण कार्य टिकाऊ नहीं होगा तो इसका नुकसान सीधे ग्रामीणों को उठाना पड़ेगा। “कागजों में विकास, जमीन पर समझौता” ग्राम पंचायत क्षेत्र में चल रहे इस निर्माण कार्य को लेकर अब ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि गांवों में विकास कार्य तो स्वीकृत हो जाते हैं, लेकिन निगरानी के अभाव में गुणवत्ता से समझौता कर लिया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा गुणवत्ता की जांच के बाद ही आगे का भुगतान किया जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने की भी मांग उठने लगी है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच करता है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों तक सीमित रह जाएगा। ईएमएस / 22/05/2026