खरगोन (ईएमएस) । बेटे के खेत में हल चलाने से इंकार करने की बात पर तैश में आकर अपने ही बेटे की कुल्हाड़ी से हत्या के आरोपी पिता को न्यायालय ने आजीवन कारावास से दंडित किया है। अभियोजन कि ओर से पैरवीकर्ता राजकुमार अत्रे अतिरिक्त लोक अभियोजक ने बताया कि रूमसिंह ने 6 दिसंबर 2024 को अपने बेटे हीरालाल को खेती, काम-धंधे की बात कही, लेकिन उसने अनसुना कर दिया। इसके बाद हीरालाल नेे सुबह फिर खेत में हल चलाने से इंकार कर दिया,जिससे पिता-पुत्र के बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद शाम 5 बजे हीरालाल को घर के बाहर खटिया पर सोता देख, पिता रुमसिंह ने हीरालाल की गर्दन पर कुल्हाड़ी से तीन-चार वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक हिरालाल की भोजाई शर्मिला पति सुखराम ने अभियुक्त रुमसिह को उसके जेठ हीरालाल पर कुल्हाड़ी से हमला करते हुए देखा था। शर्मिला की साक्ष्य को अभियोजन के अन्य साक्षियों ने अपनी साक्ष्य से पुष्टि दी थी। परिणाम स्वरूप अभियुक्त रुमसिंह के विरुद्ध अपने पुत्र कि हत्या का अपराध प्रमाणित पाए जाने से उसे कठोर आजीवन कारावास से दंडित करने का कारण बना। आरोपी रुमसिग पिता गुमान सिंह भिलाला निवासी उपड़ी को दोषी सिद्ध होने पर तृतीय अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश राजकुमार यादव ने आजीवन कारावास तथा 5000 रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है। ईएमएस / 22/05/2026