* अब हर वर्ष अनिवार्य होगा बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन से ई-केवायसी अहमदाबाद (ईएमएस)| भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। नए प्रावधान के अनुसार अब इस योजना के अंतर्गत सभी पंजीकृत लाभार्थी किसानों को हर वर्ष अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ई-केवायसी कराना होगा। इसके बाद ही उन्हें योजना का लाभ (किस्त) प्राप्त हो सकेगा। कृषि निदेशालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अब प्रत्येक वित्तीय वर्ष की पहली किस्त जारी होने से पहले यह प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक ई-केवायसी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और सभी लाभार्थी किसानों को 30 जून, 2026 तक इसे पूरा करना होगा। * ई-केवायसी की तीन सरल प्रक्रियाएं उपलब्ध लाभार्थी किसान निम्नलिखित तीन तरीकों में से किसी भी एक माध्यम से आसानी से अपनी ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं- 1. फेस ऑथेंटिकेशन: ग्रामीण स्तर पर ग्राम सेवक या विलेज नोडल ऑफिसर से संपर्क कर पीएम-किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन कराया जा सकता है। 2. बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन: निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या ई-ग्राम केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक प्रक्रिया के जरिए ई-केवायसी पूरी की जा सकती है। 3. पीएम-किसान मोबाइल ऐप (स्वयं): लाभार्थी स्वयं भी मोबाइल ऐप में ‘लाभार्थी’ के रूप में लॉगिन कर आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन कर सकते हैं। इस सुविधा के जरिए एक लाभार्थी न केवल अपना बल्कि अन्य 100 लाभार्थियों का भी ई-केवायसी कर सकता है। कृषि निदेशालय ने अपील की है कि जो लाभार्थी किसान बाहर कार्यरत हैं या अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं, वे भी निर्धारित समय सीमा के भीतर उपरोक्त किसी भी माध्यम से अपनी ई-केवायसी प्रक्रिया पूर्ण कर लें, ताकि उन्हें योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे। सतीश/22 मई