:: 24 मई तक चलेगा अभियान, उड़ते हुए नहीं बल्कि सिर्फ विश्राम स्थलों पर बैठे गिद्धों की ही होगी गिनती :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना 2026-27 के अंतर्गत तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन गणना का कार्य शुक्रवार, 22 मई से प्रारंभ हो गया है। आगामी 24 मई तक चलने वाला यह अभियान प्रतिदिन सूर्योदय से लेकर सुबह 9:00 बजे तक संचालित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्य को डिजिटल और सुगम बनाने के लिए वन विभाग ने एक विशेष ऑनलाइन ऐप तैयार किया है, जिसके माध्यम से आंकड़ों का संकलन और रिपोर्ट तैयार करने में आसानी होगी। यह गणना प्रदेश के सभी 16 वन वृत्तों, 9 टाइगर रिजर्व, वन विकास निगम के क्षेत्रों सहित अन्य संरक्षित क्षेत्रों के कुल 8,748 चिन्हित स्थानों पर की जा रही है। इस कार्य में वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ पक्षी विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, छात्र और स्थानीय नागरिक बतौर स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। इसके सफल संचालन के लिए मास्टर ट्रेनर्स द्वारा सभी को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया है। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाकर डाटा संकलन का कार्य किया जा रहा है। :: केवल घोंसलों और विश्राम स्थलों पर बैठे गिद्ध ही गिने जाएंगे :: गणना की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। इसके तहत गणनाकर्मी और स्वयंसेवक सूर्योदय के तत्काल बाद चिन्हित घोंसलों और आवास स्थलों के समीप पहुंच जाते हैं। वहां विश्राम कर रहे गिद्धों और उनके नवजातों की गिनती कर ऐप में डेटा फीड किया जाता है। गणना के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि केवल बैठे हुए गिद्धों को ही रिकॉर्ड में शामिल किया जाए; उड़ते हुए गिद्धों की गिनती नहीं की जाएगी। संपूर्ण गणना पूरी होने के बाद ही अंतिम आंकड़े जारी होंगे। :: वर्ष 2016 से हुई थी शुरुआत, पिछले साल मिले थे 8,810 गिद्ध :: मध्य प्रदेश में प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी, तब राज्य में 7,028 गिद्ध पाए गए थे। इसके बाद लगातार वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों के तहत इनकी मॉनिटरिंग की जा रही है। विगत वर्ष 2025 में हुई शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन गणना के दौरान प्रदेश में कुल 8,810 गिद्ध दर्ज किए गए थे, जिनमें 7,768 वयस्क (एडल्ट) और 1,042 किशोर (जुवेनाइल) गिद्ध शामिल थे। प्रकाश/22 मई 2026