मुंबई(ईएमएस) । भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शानदार वित्तीय परिणाम घोषित करते हुए सभी प्रमुख कारोबारी मानकों पर मजबूत वृद्धि दर्ज की है। निगम का कर पश्चात लाभ (PAT) 19.25 प्रतिशत बढ़कर ₹57,419 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹48,151 करोड़ था। एलआईसी के निदेशक मंडल ने ₹10 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹10 अंतिम लाभांश देने की सिफारिश भी की है, जो बोनस इश्यू से पहले के आधार पर ₹20 प्रति शेयर के बराबर है। एलआईसी की कुल प्रीमियम आय वित्त वर्ष 2025-26 में 9.80 प्रतिशत बढ़कर ₹5,35,984 करोड़ हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹4,88,148 करोड़ थी। व्यक्तिगत नए व्यवसाय प्रीमियम आय 8.29 प्रतिशत बढ़कर ₹67,676 करोड़ रही, जबकि समूह व्यवसाय प्रीमियम आय में 16.26 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज करते हुए यह ₹1,96,609 करोड़ तक पहुंच गई। निगम का नए व्यवसाय का मूल्य (VNB) 41.63 प्रतिशत की बड़ी छलांग के साथ ₹14,179 करोड़ हो गया। वहीं, शुद्ध VNB मार्जिन 360 बेसिस पॉइंट बढ़कर 21.2 प्रतिशत पहुंच गया, जो पिछले वर्ष 17.6 प्रतिशत था। व्यक्तिगत व्यवसाय में नॉन-पार APE 43.78 प्रतिशत बढ़कर ₹15,214 करोड़ हो गया तथा इसकी हिस्सेदारी 27.69 प्रतिशत से बढ़कर 35.11 प्रतिशत पहुंच गई। एलआईसी की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (AUM) 5.08 प्रतिशत बढ़कर ₹57,29,396 करोड़ हो गईं। सॉल्वेंसी अनुपात भी 2.11 से बढ़कर 2.35 हो गया, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। व्यय अनुपात में सुधार करते हुए इसे घटाकर 11.91 प्रतिशत कर दिया गया, जो पिछले वर्ष 12.42 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2025-26 में एलआईसी ने व्यक्तिगत खंड में कुल 1.84 करोड़ से अधिक पॉलिसियां बेचीं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.70 प्रतिशत अधिक है। पॉलिसीधारकों को बोनस के रूप में ₹59,726 करोड़ आवंटित किए गए। एलआईसी के सीईओ एवं एमडी आर दुरैस्वामि ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 निगम के लिए बेहद संतोषजनक रहा और सभी कारोबारी क्षेत्रों में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि नॉन-पार व्यवसाय और चैनल विविधीकरण की रणनीति से कंपनी को बेहतर परिणाम मिले हैं तथा भविष्य में भी विकास की गति जारी रहने की उम्मीद है।