व्यापार
23-May-2026


- चालू वित्त वर्ष में बिक्री मात्रा 13-15 फीसदी घटने का अनुमान नई ‎दिल्ली (ईएमएस)। सोने की बढ़ती कीमतों और हालिया आयात शुल्क वृद्धि का असर देश के संगठित स्वर्ण आभूषण खुदरा क्षेत्र पर साफ दिख रहा है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्त वर्ष में आभूषणों की बिक्री मात्रा के लिहाज से 13 से 15 प्रतिशत तक घट सकती है। हालांकि, सोने की ऊंची कीमतों के चलते प्रति यूनिट अधिक मूल्य मिलने से इस क्षेत्र का कुल राजस्व 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। इसके बावजूद, कंपनियों पर कार्यशील पूंजी और इन्वेंट्री लागत का दबाव बना रहेगा, हालांकि बेहतर नकदी प्रवाह से उनकी वित्तीय स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले वित्त वर्ष 24 में भी सोने के आभूषणों की बिक्री में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। भारत ने वित्त वर्ष 2024 में लगभग 720 टन सोने का आयात किया, जिससे लगभग 72 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा देश से बाहर गई। व्यापार घाटा नियंत्रित करने और रुपए को सहारा देने के उद्देश्य से सरकार ने हाल ही में सोने पर सीमा शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। क्रिसिल के अनुसार, पिछले वर्ष वैश्विक अनिश्चितताओं और रुपये में कमजोरी के कारण घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में लगभग 55 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसका सीधा असर उपभोक्ता मांग पर पड़ा है। उपभोक्ता अब हल्के वजन और कम कैरेट (16 से 22 कैरेट) वाले आभूषणों की ओर अधिक रुख कर रहे हैं। पिछले दो वर्षों में निवेश के रूप में सोने की मांग तेजी से बढ़ी है, जहां सोने की छड़ और सिक्कों की बिक्री 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है, जबकि आभूषणों की मांग में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। ‎रिपोर्ट में कहा गया है कि आयात शुल्क में वृद्धि सोने की मांग पर बड़ा दबाव डाल सकती है और चालू वित्त वर्ष में कुल आभूषण बिक्री घटकर 620 से 640 टन तक रह सकती है, जो पिछले एक दशक का निचला स्तर होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव, आयात नीति में संभावित बदलाव और उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव इस सेक्टर के लिए प्रमुख जोखिम बने रहेंगे। हालांकि, संगठित खुदरा विक्रेता फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए विस्तार कर छोटे शहरों तक पहुंच बढ़ा रहे हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। सतीश मोरे/23मई ---