क्षेत्रीय
23-May-2026


भागलपुर, (ईएमएस)। बिहार के भागलपुर जिले के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के भीमकित्ता गांव में शुक्रवार देर रात पुलिस कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हो गया। मारपीट के एक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों द्वारा पथराव किए जाने की घटना सामने आई है। स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने गांव निवासी विकास यादव और समीर यादव को गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद इलाके में देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मधुसूदनपुर थाना की टीम को सूचना मिली थी कि मारपीट मामले के आरोपी गांव में मौजूद हैं। इसी आधार पर पुलिस रात में गिरफ्तारी के लिए भीमकित्ता गांव पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने टीम का विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते पुलिस पर पत्थरबाजी होने लगी। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें भी आईं। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, जिसके बाद मौके से दो लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं दूसरी ओर, गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विकास यादव की पत्नी प्रीति कुमारी ने आरोप लगाया कि देर रात भारी संख्या में पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और दरवाजा खोलने का दबाव बनाने लगे। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने आने का स्पष्ट कारण नहीं बताया, जिसके कारण सुरक्षा के मद्देनजर दरवाजा नहीं खोला गया। प्रीति कुमारी के अनुसार, इसके बाद पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया और महिलाओं व बच्चों के साथ मारपीट की। परिवार का दावा है कि इस दौरान आशा भारती, बबिता कुमारी और सात वर्षीय परी कुमारी घायल हो गईं। परिजनों ने घर में तोड़फोड़ करने का आरोप भी लगाया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर अपने साथ ले गई। उनका कहना है कि कार्रवाई के सबूत मिटाने के उद्देश्य से डीवीआर को तोड़कर हटाया गया। साथ ही परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि अब तक उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है कि विकास यादव किस मामले में आरोपी हैं। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों में पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा पुलिस टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में अलग से प्राथमिकी भी दर्ज की जा सकती है। संतोष झा- २३ मई/२०२६/ईएमएस