राज्य
23-May-2026
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:: 37 वर्षीय महिला के पेट में सूख चुका था पहला बच्चा, डॉक्टरों ने सूझबूझ से बचाई जच्चा-बच्चा की जान :: इंदौर (ईएमएस)। शहर के शासकीय प्रकाशचंद सेठी (पीसी सेठी) अस्पताल के चिकित्सकों ने अपनी विशेषज्ञता और त्वरित निर्णय क्षमता से एक बेहद जटिल और दुर्लभ प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराया है। अस्पताल में आई एक 37 वर्षीय गर्भवती महिला के गर्भ में जुड़वा (ट्विन्स) बच्चे थे, जिनमें से एक शिशु की मौत पांचवें महीने में ही गर्भ के अंदर हो गई थी। डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि दोनों शिशु एक ही थैली में थे, जिससे दूसरे जीवित बच्चे को संक्रमण का भारी खतरा था। इसके बावजूद डॉक्टरों की टीम ने सुरक्षित शल्य क्रिया (सिजेरियन डिलीवरी) कर दूसरे बच्चे का सुरक्षित जन्म कराया। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, महिला की गर्भावस्था के नौ माह पूर्ण हो चुके थे। जब डॉक्टरों ने महिला के पूर्व मेडिकल रिकॉर्ड की जांच की, तो स्थिति की गंभीरता का पता चला। पांचवें महीने में मृत हुआ शिशु गर्भ के भीतर पूरी तरह से कागज जैसी सूखी संरचना (फेटस पेपिरेसियस) में बदल चुका था। ऐसी स्थिति में संक्रमण फैले बिना नौवें महीने तक गर्भावस्था का चलना और दूसरे शिशु का सुरक्षित रहना चिकित्सा विज्ञान में बेहद दुर्लभ माना जाता है। डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए ऑपरेशन थिएटर तैयार किया और सफल सर्जरी की। जन्म लेने वाला नवजात शिशु पूरी तरह तंदुरुस्त है और उसका वजन करीब 3.75 किलोग्राम है। :: निजी अस्पताल छोड़ पहली बार आई थीं सरकारी अस्पताल :: विशेष बात यह है कि पीड़ित महिला इससे पहले तक अपना पूरा इलाज शहर के एक निजी चिकित्सालय में करा रही थी, लेकिन प्रसव के इस नाजुक और बेहद पेचीदा समय पर वह पहली बार शासकीय पीसी सेठी अस्पताल पहुंची थी। इस सफल और चुनौतीपूर्ण प्रसव ने एक बार फिर शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं की उच्च गुणवत्ता और वहां के डॉक्टरों की दक्षता को साबित किया है। इस बेहद पेचीदा ऑपरेशन को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कोमल विजयवर्गीय, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. सुनीता भटनागर व डॉ. स्वाति, और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्याभ गहलोत ने नर्सिंग स्टाफ रेखा और प्रीति के सहयोग से अंजाम दिया। टीम की इस बड़ी कामयाबी पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई दी है और नवजात के उज्जवल व दीर्घायु जीवन की कामना की है। प्रकाश/23 मई 2026