राज्य
23-May-2026


:: उद्यान के 250 मीटर के दायरे में बड़ी फैक्ट्रियों पर रहेगा प्रतिबंध, स्थानीय युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर :: इंदौर/धार (ईएमएस)। धार जिले में स्थित सुप्रसिद्ध डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान (बाग) के संरक्षण और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कुल 89.740 हेक्टेयर में फैले इस उद्यान के चारों ओर भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार 250 मीटर के दायरे को इको-सेंसिटिव जोन (ईएसजेड) घोषित किया गया है। अब इस दायरे के भीतर किए जाने वाले समस्त विकास और व्यावसायिक कार्य मास्टर प्लान के तहत निर्धारित कड़े नियमों के अधीन ही संचालित हो सकेंगे। धार वन मंडल अधिकारी के अनुसार, इस 250 मीटर के संवेदनशील क्षेत्र में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश रहेगा। क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले भारी उद्योगों, क्रशरों, वाणिज्यिक खनन और बड़ी फैक्ट्रियों की स्थापना पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि गांवों की हवा-पानी शुद्ध रहे और कृषि भूमि बंजर होने से बचे। वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल शासन द्वारा इस राष्ट्रीय उद्यान के विस्तार की कोई योजना नहीं है और इसका दायरा केवल अधिसूचित 89.740 हेक्टेयर तक ही सीमित रहेगा। :: इको-रिसॉर्ट्स और टेंट से स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार :: पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए इस क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत स्थानीय युवाओं को पर्यटकों के ठहरने के लिए पर्यावरण अनुकूल अस्थाई कॉटेज, टेंट और लकड़ी के मकान (इको-रिसॉर्ट्स) बनाने के साथ-साथ गाइड बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र में जैविक खेती, कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की बिक्री को सरकार द्वारा सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही गांवों में वर्षा जल संचयन, बायोगैस और सोलर लाइट जैसी उन्नत तकनीकों का विस्तार किया जाएगा। :: परंपरागत कार्यों पर नहीं होगी कोई रोक :: मास्टर प्लान में स्थानीय ग्रामीणों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। क्षेत्र के गांवों में रहने वाले लोगों की पारंपरिक खेती, बागवानी और डेयरी व पशुपालन जैसी गतिविधियां पहले की तरह ही सुचारू रूप से जारी रहेंगी। वास्तविक कृषि और घरेलू उपयोग के लिए कुओं या ट्यूबवेल से पानी निकालने पर कोई वैधानिक रोक नहीं होगी। स्थानीय निवासियों को अपनी घरेलू आवश्यकताओं के लिए न्यूनतम और जरूरी निर्माण कार्य करने की अनुमति नियमों के अनुसार आसानी से मिलती रहेगी। इसके साथ ही गांवों की मौजूदा सड़कों को चौड़ा व सुदृढ़ करने और बिजली व दूरसंचार लाइनों के विस्तार का कार्य भी तय दिशा-निर्देशों के तहत किया जाएगा। प्रकाश/23 मई 2026