4-बिन कचरा संग्रहण और लिगेसी वेस्ट का शत-प्रतिशत निपटारा; ऐतिहासिक सूरजकुंड बावड़ी का भी हुआ कायाकल्प इंदौर (ईएमएस)। इंदौर की तर्ज पर अब जिला मुख्यालय से सटे देपालपुर नगर की तस्वीर भी पूरी तरह बदल चुकी है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत संचालित स्वच्छ शहर जोड़ी अभियान ने यहाँ स्वच्छता के नए आयाम स्थापित किए हैं। इंदौर नगर निगम के महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के कुशल मार्गदर्शन में इंदौर और देपालपुर नगर परिषद के संयुक्त प्रयासों से मैदानी स्तर पर क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अभियान के तहत नगर में शत-प्रतिशत 4-बिन कचरा संग्रहण प्रणाली लागू करने के साथ ही वर्षों पुराने 1250 टन लिगेसी वेस्ट (पुराने कचरे के ढेर) का बायो-रिमेडिएशन पद्धति से पूर्ण निपटारा कर दिया गया है। प्रशासनिक इच्छाशक्ति का ही परिणाम है कि कभी उपेक्षित रही ऐतिहासिक सूरजकुंड बावड़ी को न केवल पुनर्जीवित किया गया, बल्कि उसके आसपास के क्षेत्र का व्यापक सौंदर्यीकरण कर नगर को एक नई पहचान दी गई है। :: इंदौर की मेंटरशिप में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन :: इंदौर नगर निगम की कुशल मेंटरशिप का लाभ देपालपुर को आधुनिक कचरा प्रबंधन में सीधा मिला है। नगर में अब वैज्ञानिक पद्धति से कचरे का निष्पादन, कम्पोस्टिंग (खाद निर्माण) और एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) का सुचारू संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही व्यापारिक क्षेत्रों में नाइट स्वीपिंग (रात्रि कालीन सफाई), स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज का सुदृढ़ीकरण और सड़कों के सुधार कार्य युद्धस्तर पर किए गए हैं, जिससे नगर की पूरी व्यवस्था सुव्यवस्थित नजर आने लगी है। :: वेस्ट टू आर्ट और वॉल पेंटिंग से निखरा स्वरूप :: नगर के सौंदर्यीकरण को नया रूप देने के लिए दीवारों पर आकर्षक वॉल पेंटिंग की गई है, जो राहगीरों को स्वच्छता का संदेश दे रही हैं। वेस्ट टू आर्ट (कचरे से कलाकृति) की अवधारणा पर काम करते हुए प्रमुख चौराहों पर आकर्षक सेल्फी पॉइंट विकसित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पॉलीथीन के बढ़ते उपयोग को रोकने के लिए नगर के मुख्य बाजारों को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ व्यापारियों और नागरिकों से कपड़े के थैले उपयोग करने की समझाइश दी जा रही है। :: जनभागीदारी से मिला जनआंदोलन का रूप :: देपालपुर को स्वच्छ बनाने के इस महाअभियान में केवल प्रशासनिक अमला ही नहीं, बल्कि आम जनता भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रही है। नगर के विभिन्न विद्यालयों में सघन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता ने इस अभियान को एक जनआंदोलन का स्वरूप दे दिया है। प्रशासन और जनता के इस अनूठे समन्वय से आज समूचे देपालपुर में स्वच्छता को लेकर एक अभूतपूर्व उत्साह और गौरव का माहौल दिखाई दे रहा है। प्रकाश/25 मई 2026