-27–28 मई के आसपास देखने को मिल सकती हैं प्री-मॉनसून की गतिविधियां नई दिल्ली,(ईएमएस)। दिल्ली दिन ही नहीं रात का तापमान भी रिकॉर्ड तोड़ रहा है, रातें भी लोगों को बेचैन कर रही हैं। सोमवार को राजधानी में गर्मी ने एक नया रिकॉर्ड बनाया, जब न्यूनतम तापमान पिछले 14 सालों में सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन पर अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री ज्यादा है। वहीं सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रात का तापमान भी 32.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 5.7 डिग्री ज्यादा है। इसी वजह से दिल्ली में इस बार “वार्म नाइट” जैसी स्थिति बन गई है, जो मई महीने में पिछले करीब 14 सालों में सबसे गर्म रात मानी जा रही है। इससे पहले ऐसी स्थिति 26 मई 2012 को दर्ज की गई थी। आईएमडी के मुताबिक शहर के अलग-अलग इलाकों में भी तापमान ऊंचा रहा। पालम में पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि लोधी रोड और रिज जैसे क्षेत्रों में भी तापमान 43 से 44 डिग्री के बीच रहा। आयानगर में भी हालात लगभग ऐसे ही रहे, जहां दिन और रात दोनों में गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए भी राहत की ज्यादा उम्मीद नहीं जताई है। अनुमान के मुताबिक अधिकतम तापमान करीब 44 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 30 डिग्री के आसपास रह सकता है। इसको देखते हुए दिल्ली में येलो अलर्ट जारी किया गया है, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि शाम के समय कुछ इलाकों में हल्की बारिश, तेज हवाएं और धूल भरी आंधी चल सकती है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है लेकिन यह राहत स्थायी नहीं होगी। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक फिलहाल जो मौसम प्रणाली सक्रिय थी, वह आज के बाद क्षेत्र से हट रही है, जिसके चलते आने वाले दिनों में दिन का तापमान और बढ़ सकता है, जबकि रातें शुरुआत में और गर्म बनी रह सकती हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक मौसम गर्म और अस्थिर रहेगा। इसके बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ के असर से 27–28 मई के आसपास फिर से प्री-मॉनसून बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिससे कुछ राहत मिलने की संभावना है। इसके बाद 29 मई को तापमान में अच्छी गिरावट देखने को मिल सकती है। इस बीच, दिल्ली का एक्यूआई 254 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। उच्च नमी और धुंध के कारण प्रदूषक कण हवा में फंस गए हैं, जिससे हालात और बिगड़ते दिख रहे हैं। सिराज/ईएमएस 26मई26