क्षेत्रीय
26-May-2026
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- 7 दिन में व्यवस्था नहीं सुधरी तो कलेक्टोरेट घेरेंगे बिलासपुर (ईएमएस)। तिफरा स्थित संभागीय विद्युत कार्यालय सोमवार को उस वक्त राजनीतिक और जनआक्रोश का केंद्र बन गया, जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय केसरवानी की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने बिजली की अघोषित कटौती, चरमराई व्यवस्था और विभागीय लापरवाही के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। संभागीय कार्यालय के बाहर शुरू हुआ विरोध कुछ ही देर में आक्रामक आंदोलन में बदल गया। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य गेट के सामने जमकर नारेबाजी की, दीवारों पर चढकऱ प्रदर्शन किया और फिर पुलिस की मौजूदगी के बीच गेट तोडकऱ परिसर के भीतर दाखिल हो गए। पूरे परिसर में बिजली विभाग होश में आओ, जनता परेशान, अधिकारी आराम और अघोषित कटौती बंद करो जैसे नारों की गूंज सुनाई देती रही। प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा समेत संगठन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र सहित बिलासपुर और बिल्हा क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और व्यापारी भी आंदोलन में शामिल हुए। छोटी आंधी में 72 घंटे गुल हो जाती है बिजली विजय केसरवानी ने बिजली विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बिलासपुर जैसे शहर में कभी इतने बदतर हालात नहीं रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि हल्की आंधी या बारिश आते ही 24 से 72 घंटे तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी, प्रतियोगी परीक्षाओं और लगातार बढ़ते तापमान के बीच छात्र, व्यापारी, मरीज और आम लोग त्रस्त हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी एसी कमरों में बैठकर सिर्फ कागजी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। केसरवानी ने कहा कि पहले लोग समझते थे कि शहरों की बिजली व्यवस्था गांवों से बेहतर होती है, लेकिन अब बिलासपुर शहर की हालत भी ग्रामीण इलाकों से बदतर हो चुकी है। - पुलिस घेराबंदी भी नहीं रोक पाई भीड़ प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग की गई थी और कांग्रेस नेताओं को रोकने का प्रयास भी हुआ, लेकिन बढ़ते जनदबाव के आगे पुलिस को पीछे हटना पड़ा। गेट थिस दौरान प्रदर्शन कार्यों और पुलिस के बीच जमकर झूम जकी हुई। लेकिन हालात को पुलिस ने जल्द ही नियंत्रण में ले लिया। आक्रोशित कार्यकर्ता गेट तोडकऱ अंदर दाखिल हुए और परिसर के भीतर धरने पर बैठ गए। हालांकि पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी प्रकार की जनहानि या सरकारी संपत्ति को बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा। - कूलर, पंखा, की तस्वीरों के साथ पहुंचा प्रतिनिधिमंडल प्रदर्शन की सबसे अलग तस्वीर तब देखने को मिली जब कांग्रेस कार्यकर्ता अपने हाथों में बड़ी-बड़ी तख्तियां लेकर पहुंचे। किसी तख्ती पर कूलर, किसी पर पंखा, किसी पर फ्रिज, मोटर पंप और इन्वर्टर की तस्वीरें लगी थीं। कांग्रेस नेताओं ने इन प्रतीकात्मक तख्तियों को बिजली विभाग के अधिकारियों को सौंपते हुए कहा कि जनता के घरों में मौजूद ये सभी उपकरण सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं क्योंकि बिजली रहती ही नहीं। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य कार्यपालन अभियंता अम्बष्ट को मांग पत्र सौंपते हुए ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने, फील्ड मॉनिटरिंग बढ़ाने और शिकायत व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की। कॉल सेंटर नाम का, फोन कोई उठाता नहीं विजय केसरवानी ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग का पूरा सिस्टम लकवाग्रस्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि विभाग पूरी तरह निजी ठेकेदारों के भरोसे चल रहा है और शिकायत के बाद भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचते। उन्होंने कहा कि बिजली गुल होने के बाद यदि कोई उपभोक्ता कॉल सेंटर या कार्यालय में फोन करता है तो घंटों तक कोई कॉल रिसीव नहीं करता। विभागीय अधिकारी और ठेकेदारों के बीच मिलीभगत के कारण जनता परेशान हो रही है। केसरवानी ने यह भी आरोप लगाया कि करोड़ों रुपए मेंटेनेंस के नाम पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था दिखाई नहीं देती। कहीं तार गिरते हैं, कहीं पेड़ गिरते हैं और इसी बहाने घंटों सप्लाई बंद रखी जाती है। - सिम्स तक प्रभावित, मरीजों की जान जोखिम में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि लगातार बिजली बाधित रहने से सरकारी दफ्तरों से लेकर अस्पताल तक प्रभावित हो रहे हैं। यहां तक की ऑपरेशन के दौरान बिजली बंद हो जाती है ।संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल साइंस भी अंधेरे में समय बी समय डूब जाता है ऐसी स्थिति में मरीजों की स्थिति को समझा जा सकता है मौजूद इसके बिजली विभाग अपनी तानाशाही से बाज नहीं आ रहा है। केसरवानी ने कहा कि कंपोजिट बिल्डिंग सहित कई सरकारी कार्यालयों में घंटों बिजली नहीं रहती। जिससे प्रशासनिक कामकाज ठप पड़ रहा है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली संकट के कारण अस्पतालों में मरीजों की जान तक जोखिम में पड़ रही है। - 7 दिन में सुधार नहीं तो कलेक्टोरेट घेराव,चक्का जाम विजय केसरवानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सात दिनों के भीतर बिलासपुर की बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि अगला चरण कलेक्टर कार्यालय घेराव, सडक़ जाम और बड़े जनआंदोलन का होगा। केसरवानी ने कहा कि व्यापारी परेशान हैं, उद्योग प्रभावित हैं, छात्र भटक रहे हैं और आम जनता गर्मी में त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन शासन और प्रशासन स्थिति को गंभीरता से लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा—जब न्यायधानी बिलासपुर की यह हालत है, तो गांवों की स्थिति कैसी होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। - 26 मई 2026