क्षेत्रीय
26-May-2026
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- एसएसपी का नेपाल कनेक्शन पर हाईटेक प्रहार, पिता-पुत्र गिरफ्तार बिलासपुर (ईएमएस)। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क पर बिलासपुर रेंज साइबर थाना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के भंडारा से पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों के बैंक खाते में साइबर ठगी की 54 लाख 40 हजार रुपये की रकम ट्रांसफर हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद नेमतउल्लाह मंसूरी और उसके पिता अब्दुल कयूम अंसारी शामिल हैं। दोनों महाराष्ट्र के भंडारा जिले के गांधी वार्ड क्षेत्र के रहने वाले हैं। रेंज साइबर थाना की जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन्हीं खातों का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट, शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी जैसी वारदातों में किया जा रहा था। - आपका नाम आतंकवादी संगठन से जुड़ा है मामले की शुरुआत तब हुई जब साइबर अपराधियों ने एक वरिष्ठ नागरिक महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया। खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर महिला को डराया गया कि उनका नाम आतंकवादी संगठन से जुड़ा है और जल्द गिरफ्तारी होने वाली है। इसके बाद ठगों ने महिला को लगातार मानसिक दबाव में रखा और तथाकथित डिजिटल अरेस्ट कर कानूनी कार्रवाई का भय दिखाया। डर और तनाव के माहौल में महिला से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये जमा करा लिए गए। प्रार्थिया की शिकायत पर रेंज साइबर थाना बिलासपुर में अपराध दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की गई। बैंक खातों की पड़ताल में आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में 54 लाख 40 हजार रुपये की संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आई। - महाराष्ट्र पहुंची साइबर टीम, घर से उठाया आरोपी मामले की गंभीरता को देखते हुए राम गोपाल गर्ग, रजनेश सिंह और गगन कुमार के निर्देशन में निरीक्षक कामिल हक के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर महाराष्ट्र रवाना किया गया। साइबर टीम ने भंडारा पहुंचकर आरोपी नेमतउल्लाह मंसूरी को उसके घर से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह 2 प्रतिशत कमीशन के बदले अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को इस्तेमाल करने देता था। - नेपाल में सौंपता था खाते, नेटवर्क में पिता शामिल जांच में एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि आरोपी नेपाल के काठमांडू तक जाकर अपने बैंक खाते साइबर गिरोह के सदस्यों को उपलब्ध कराता था। पुलिस जांच में आरोपी का पिता अब्दुल कयूम अंसारी भी पूरे नेटवर्क में सक्रिय मिला। पुलिस के अनुसार वह कमीशन के लेनदेन और मुख्य आरोपियों से मोबाइल के जरिए लगातार संपर्क में था। - म्यूल अकाउंट वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रजनेश सिंह ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध अब संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहे हैं। लोग कमीशन और लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराकर सीधे अपराध का हिस्सा बन रहे हैं। बिलासपुर पुलिस ऐसे हर म्यूल अकाउंट धारक और साइबर नेटवर्क के खिलाफ लगातार तकनीकी कार्रवाई कर रही है। आम नागरिक किसी भी अनजान वीडियो कॉल, जांच एजेंसी के नाम पर आने वाले दबाव या डिजिटल गिरफ्तारी जैसे दावों से सतर्क रहें और तत्काल साइबर हेल्पलाइन अथवा पुलिस से संपर्क करें। रेंज साइबर थाना अब पूरे नेटवर्क की तकनीकी जांच कर रहा है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय होकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठग रहा था। - 26 मई 2026