बिलासपुर (ईएमएस)। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, राष्ट्रहित और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ब्रह्माकुमारीज संस्थान ने देशभर के अपने सभी सेवा केंद्रों एवं विभागों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। माउंट आबू मुख्यालय से जारी इन निर्देशों में सादगीपूर्ण जीवनशैली, ऊर्जा संरक्षण, सीमित संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा डिजिटल कार्यप्रणाली को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया है। ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण, अनावश्यक यात्राओं में कमी एवं डिजिटल इंडिया के संदेशों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि संस्थान की उच्च स्तरीय बैठकों में व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह नई कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि आध्यात्मिक सेवा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके। नई गाइडलाइन के अनुसार अब जहां संभव होगा, बैठकों, प्रशासनिक कार्यों एवं समन्वय कार्यक्रमों का संचालन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, फोन कॉल एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे समय, ऊर्जा और संसाधनों की बचत सुनिश्चित हो सके। संस्थान ने पेट्रोल एवं डीज़ल की बचत के लिए अनावश्यक यात्राओं को सीमित करने, कार पूलिंग को बढ़ावा देने तथा बड़े सामाजिक आयोजनों को आवश्यकतानुसार सीमित या स्थगित करने की अपील की है। साथ ही नई गाडयि़ों की खरीद फिलहाल टालने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों एवं साइकिल जैसे पर्यावरण हितैषी विकल्प अपनाने पर बल दिया गया है। निर्माण कार्यों, स्वागत समारोहों एवं उपहार वितरण में भी सादगी अपनाने का आह्वान किया गया है। फूलमालाओं, भव्य आयोजनों और महंगे उपहारों के स्थान पर सरल, मर्यादित एवं मूल्यनिष्ठ कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जिससे आध्यात्मिक गरिमा और भारतीय संस्कृति की सादगी बनी रहे। निर्देशों में विदेश यात्राओं को भी फिलहाल सीमित रखने तथा विदेशों में रहने वाले राजयोगी भाई-बहनों को आवश्यक परिस्थितियों में ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। सभी सेवा केंद्रों को कम खर्च, संतुलित संसाधनों एवं सेवा भावना के साथ सामाजिक और आध्यात्मिक अभियान संचालित करने हेतु प्रेरित किया गया है। मंजू दीदी ने कहा कि आज समय की मांग केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि जिम्मेदार एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने की भी है। सादगी, संयम, सहयोग और आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से ही राष्ट्र एवं समाज को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। उन्होंने सभी से इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए राष्ट्रहित, पर्यावरण संरक्षण एवं मानवीय मूल्यों को मजबूत बनाने में सहयोग देने का आह्वान किया। - 26 मई 2026