- 135 बच्चों ने लिया हिस्सा,माता-पिता के प्रति सम्मान व आदर का दिया संदेश बिलासपुर (ईएमएस)। पीएम श्री उत्कृष्ट सेजेस उच्चतर माध्यमिक कन्या शाला सरकंडा में गीता परिवार द्वारा आयोजित पांच दिवसीय नि:शुल्क बाल संस्कार केंद्र का समापन उत्साह और संस्कारमयी वातावरण के बीच हुआ। कार्यक्रम में बच्चों ने सूर्य नमस्कार, लाठी-काठी एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं प्रार्थना के साथ किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद अंचल दुबे, बालिका संप्रेषण गृह अधीक्षिका ममता तिवारी और हेमंत गौरहा उपस्थित रहे। अतिथियों का मोमेंटो एवं दुपट्टा भेंटकर स्वागत किया गया। - ऐसे आयोजन बच्चों में बोते हैं संस्कारों के बीज कार्यक्रम में अतिथियों ने गीता परिवार के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में बच्चों को संस्कार और भारतीय संस्कृति से जोडऩे वाले आयोजन बेहद जरूरी हैं। ऐसे शिविरों से बच्चों में अपने देश, समाज और परिवार के प्रति सम्मान का भाव विकसित होता है।समापन अवसर पर बच्चों द्वारा मातृ-पितृ पूजन कराया गया। इस भावपूर्ण आयोजन ने उपस्थित अभिभावकों को भावुक कर दिया। आयोजकों ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों में माता-पिता के प्रति सम्मान, आदर और कृतज्ञता का भाव जागृत करना है। - तेज गर्मी में भी 135 बच्चों ने दिखाई सहभागिता गीता परिवार की सचिव कृति अग्रवाल ने बताया कि मध्यांचल प्रमुख प्रमिला माहेश्वरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस पांच दिवसीय शिविर में 135 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तेज गर्मी के बावजूद बच्चों और अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।उन्होंने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में संस्कार, संस्कृति और संस्कृत के बीज बोकर उन्हें सकारात्मक दिशा देना है। - लाठी-काठी और छत्तीसगढ़ी नृत्य ने मोहा मन कार्यक्रम में पुणे से आए श्रीधर और गौरी ने बच्चों को गोपुरम एवं लाठी-काठी का प्रशिक्षण देकर आत्मबल और अनुशासन का संदेश दिया। वहीं बालिका संप्रेषण गृह की वर्षा एवं टीम ने छत्तीसगढ़ी गीत हमर सुघर छत्तीसगढ़ पर पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी, जिसे खूब सराहा गया।कार्यक्रम को सफल बनाने में गीता परिवार छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गीत गोविंद साहू, शिविर प्रमुख अर्चना जोशी, अध्यक्ष प्रमिला त्रिवेदी, सोमनाथ, संध्या विशेष योगदान रहा। - 26 मई 2026