- सहकारी समितियों पर अब होगा दिल्ली नियंत्रण भोपाल(ईएमएस)। प्रदेश की 5207 सहकारी समितियों को अब नाबार्ड के डिजिटल सॉफ्टवेयर सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत समितियों के कामकाज, लेन-देन, खाद-बीज वितरण और किसानों को दिए जाने वाले ऋण की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ियों पर रोक लग सकेगी। हालांकि, इस फैसले को लेकर सहकारी क्षेत्र में चिंता भी बढ़ रही है। कई समितियों के पदाधिकारियों का कहना है कि अब स्थानीय स्तर पर फैसले लेने की स्वतंत्रता कम हो जाएगी और दिल्ली से सीधे निगरानी बढ़ेगी। किसानों को आशंका है कि तकनीकी खामियों या नेटवर्क समस्या के कारण खाद और ऋण वितरण प्रभावित हो सकता है। जानकारी के अनुसार, नाबार्ड ने डिजिटल सिस्टम लागू करने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके तहत समितियों में कंप्यूटर, इंटरनेट और ऑपरेटर की व्यवस्था की जा रही है। सरकार का कहना है कि इससे भ्रष्टाचार कम होगा और किसानों को योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा। वहीं विपक्ष इसे सहकारी संस्थाओं पर केंद्रीकृत नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश बता रहा है। नंदिनी परसाई/26 मई 2026