- गठबंधन से इनकार, 14 जून को इंदौर में राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन से फूंकेगी चुनावी बिगुल इंदौर (ईएमएस)। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की कोख से जन्मी आम आदमी पार्टी (आप) ने मध्यप्रदेश के आगामी सियासी दंगल के लिए अपनी रणनीति साफ कर दी है। पार्टी सूबे में किसी भी दल के साथ चुनावी बैसाखी का सहारा नहीं लेगी। वर्ष 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव में आप प्रदेश की सभी 230 सीटों पर अकेले अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेगी। विधानसभा ही नहीं, बल्कि इसके पहले वर्ष 2027 में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में भी पार्टी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसके साथ ही गुजरात, गोवा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी पार्टी पूरे दम-खम के साथ मैदान में उतरेगी। यह अहम घोषणा रविवार को इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी के म.प्र. सह-प्रभारी एवं दिल्ली के पूर्व विधायक जय भगवान उपकार ने की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मध्यप्रदेश की जनता अब पारंपरिक दलों से ऊब चुकी है और एक ईमानदार विकल्प की तलाश में है। :: बूथ स्तर पर किलेबंदी, नवनियुक्त पदाधिकारियों को सौंपेंगे कमान :: सह-प्रभारी उपकार ने बताया कि मध्यप्रदेश में पार्टी संगठन की चूलें कसने और इसे बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए व्यापक विस्तार अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में संगठन में कई नई नियुक्तियां की गई हैं। सांगठनिक तैयारियों को धार देने के लिए आगामी 14 जून 2026 को शहर के आनंद मोहन माथुर सभागृह में इंदौर जोन का राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपकर उन्हें चुनावी मोर्चे पर तैनात किया जाएगा। :: जनता के बुनियादी मुद्दों और नीट घोटाले पर घेरेगी सरकार :: पार्टी नेताओं का कहना है कि वे मालवा-निमाड़ सहित प्रदेश के विभिन्न अंचलों में लगातार बैठकें कर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंक रहे हैं। आम आदमी पार्टी जनता की दुखती रग पर हाथ रखकर आगे बढ़ेगी। पार्टी बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और कमरतोड़ महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दों के साथ-साथ हाल ही में सामने आए नीट (NEET) घोटाले और पेपर लीक जैसे युवाओं से जुड़े संवेदनशील विषयों पर देशव्यापी आंदोलन कर रही है। नेताओं ने दावा किया कि आप आगामी समय में प्रदेश में एक मजबूत और विश्वसनीय विकल्प बनकर उभरेगी। इस दौरान पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से आप के जिला अध्यक्ष संदीप शर्मा, उपाध्यक्ष एड. कमल गुप्ता और संगठन मंत्री आकाश यादव भी मंच पर उपस्थित थे। :: मालवा से शंखनाद के सियासी मायने :: मध्यप्रदेश की सत्ता का रास्ता मालवा-निमाड़ से होकर ही गुजरता है। यही वजह है कि आप ने अपनी इस बड़ी चुनावी हुंकार के लिए इंदौर को चुना है। राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन का हिस्सा रहने वाली आप का राज्य स्तर पर एकला चलो का यह फैसला सूबे के आगामी चुनावों को त्रिकोणीय और दिलचस्प बनाने का इशारा कर रहा है। प्रकाश/26 मई 2026