शाजापुर (ईएमएस)। शादी कर घर बसाने का सपना देख रहे युवाओं के अरमानों पर पानी फेरने और उन्हें कंगाल बनाने वाले एक लुटेरी दुल्हन गिरोह की शातिर कारगुजारी सामने आई है। जिले के पनवाड़ी गांव में दलालों ने दो परिवारों को अपने जाल में फंसाकर शादी के नाम पर करीब साढ़े पांच लाख रुपये ठग लिए। ठगी की स्क्रिप्ट इतनी सधी हुई थी कि दोनों ही मामलों में नई-नवेली दुल्हनें शादी के ठीक 15 दिन बाद कोई न कोई बहाना बनाकर ससुराल से निकलीं और कीमती सामान लेकर हमेशा के लिए गायब हो गईं। पीडि़त परिवारों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय और सुनेरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन 6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली हैं और ठग आराम से घूम रहे हैं। दादी बीमार हैं कहकर निकली और नहीं लौटी शाजापुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहंुचे पनवाड़ी गांव के निवासी निर्भय सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे धर्मेंद्र की शादी के लिए दलालों से संपर्क किया था। गिरोह के सदस्यों ने झाबुआ निवासी ज्योति नाम की लड़की से रिश्ता तय करवाया और इसके एवज में परिवार से 2 लाख रुपये ऐंठ लिए। 19 नवंबर 2025 को कागजी कार्रवाई के साथ विवाह संपन्न हुआ। लेकिन, शादी के महज 15 दिन बाद ज्योति ने अपनी दादी की तबीयत खराब होने का बहाना बनाया और घर से चली गई। उसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं है। जेवर और मोबाइल लेकर दूसरी दुल्हन भी रफूचक्कर पनवाड़ी गांव के ही अर्जुन के साथ भी बिल्कुल यही कहानी दोहराई गई। दलालों ने खुद को लड़की का रिश्तेदार बताकर अर्जुन की शादी रानू बाई मिश्रा नाम की महिला से कराई और इस पूरी प्रक्रिया के लिए उससे 3 लाख रुपये ले लिए। रानू बाई ने भी शादी के 15 दिन बाद इंदौर जाने की बात कही और घर से निकल गई। वह जाते-जाते अपने साथ एक महंगा मोबाइल फोन और चांदी की पायजेब भी समेट ले गई, जिसके बाद वह कभी लौटकर नहीं आई। पीडि़तों द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में तीन दलालों का मुख्य रूप से जिक्र किया गया है। इनमें शाजापुर जिले का नारायण पाण्डा, उज्जैन की तराना तहसील का रहने वाला बाबू और धार जिले का सुखराम शामिल है। बताया जा रहा है कि धार का सुखराम ही इस गिरोह का मुख्य सरगना है, जो लड़कियों से सीधे संपर्क कर शादियां तय करवाता है और पैसों का पूरा लेन-देन भी उसी के जरिए होता है। पुख्ता सबूत दिए, फिर भी पुलिस के हाथ खाली पीडि़तों का आरोप है कि जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने दलालों से अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकियां दीं। पीडि़तों ने पुलिस को आरोपियों को पैसे देते समय बनाए गए वीडियो, शादी की तस्वीरें और उनके आधार कार्ड जैसे पुख्ता सबूत भी सौंपे हैं। 21 मई को शिकायत दर्ज होने के बावजूद पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में रोष है। इस मामले में सुनेरा थाना प्रभारी अंकित मुकाती का कहना है कि पुलिस को दोनों शिकायती आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ईएमएस / 26/05/2026