राष्ट्रीय
27-May-2026
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अब दर्ज होंगे सभी गवाहों के बयान गुवाहाटी,(ईएमएस)। असमिया गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। गुवाहाटी की एक फास्ट-ट्रैक अदालत ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आरोप तय किए हैं, जिनमें से चार मुख्य आरोपियों पर सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया गया है। यह न्यायिक कार्रवाई उस घटना के ठीक दो महीने बाद हुई है, जब सिंगापुर की एक अदालत ने जुबीन गर्ग की मौत को महज एक दुर्घटनावश डूबने का मामला करार दिया था और किसी भी तरह की आपराधिक साजिश से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि, भारत में जिला और सत्र अदालत की जज शर्मिला भुयान की कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुनने और असम सीआईडी द्वारा गठित विशेष जांच दल की चार्जशीट का गहन परीक्षण करने के बाद भारतीय न्याय संहिता की 10 अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप तय करने का फैसला सुनाया। अदालत द्वारा तय किए गए इन आरोपों में सामान्य इरादा, आपराधिक साजिश, हत्या, गैर-इरादतन हत्या, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और सबूत मिटाने से जुड़े बेहद गंभीर कानूनी प्रावधान शामिल हैं। इस बड़े फैसले के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की पूरी कानूनी सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है। मामले में सबसे गंभीर आरोप भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का है, जो चार प्रमुख आरोपियों—सिद्धार्थ शर्मा, श्याम काणु महंता, शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृत प्रवा महंता पर लगाया गया है। न्यायालय के दस्तावेजों के अनुसार, इन चारों मुख्य आरोपियों पर संयुक्त रूप से अपराध करने, आपराधिक साजिश रचने और हत्या की धाराओं के तहत मामला चलेगा। इसके अलावा, श्याम काणु महंता पर जबरन वसूली (धारा 308(2)), धोखाधड़ी व बेईमानी से प्रेरित करने (धारा 318(4)) और सबूत गायब करने (धारा 238) के अतिरिक्त आरोप भी लगाए गए हैं। वहीं, सिद्धार्थ शर्मा और शेखर ज्योति गोस्वामी पर अतिरिक्त रूप से विश्वासघात की धारा 316(5) लगाई गई है, जबकि अमृत प्रवा महंता पर भी धारा 238 के तहत सबूत मिटाने का आरोप दर्ज किया गया है। इस मामले के अन्य आरोपियों में दिवंगत गायक जुबीन गर्ग के चचेरे भाई और पूर्व असम पुलिस अधिकारी संदीपन गर्ग शामिल हैं, जिन पर धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत आरोप तय किए गए हैं। इसके साथ ही, गायक के दो पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड्स—परेश बैश्य और नंदेश्वर बोरा पर धारा 61(2) और 316(5) के तहत आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर का कहना है कि अब ट्रायल के दौरान अदालत में हर एक धारा की प्रासंगिकता और घटना में प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भूमिका की गहनता से जांच की जाएगी। गौरतलब है कि मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर में लाजारस आइलैंड के पास एक निजी यॉट ट्रिप के दौरान रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई थी। इस दुखद घटना के बाद पूरे असम में शोक की लहर दौड़ गई थी और उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया था। सार्वजनिक आक्रोश और संदेह को देखते हुए असम सरकार ने मामले की गहराई से जांच के लिए तत्काल एक एसआईटी का गठन किया था। खुद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सार्वजनिक रूप से इस घटना को साफ-साफ हत्या करार देते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद अब कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। वीरेंद्र/ईएमएस/27मई 2026