राष्ट्रीय
27-May-2026
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पंचायत चुनाव पर हो रही सियासत शिमला(ईएमएस)। हिमाचल प्रदेश में जारी पंचायत चुनावों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर बेहद तेज हो गया है। राज्य की कांग्रेस सरकार पर भाजपा द्वारा लगाए गए आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों, मुख्य सचिव की नियुक्ति और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के मुद्दों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्ष पर जोरदार पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष की कथनी और करनी में हमेशा से ही बड़ा अंतर रहा है। वे करें तो पुण्य हम करें तो पाप। संजय गुप्ता को कार्यवाहक मुख्य सचिव से नियमित मुख्य सचिव बनाए जाने के प्रशासनिक फैसले पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की सोच अब आप करें तो पुण्य और हम करें तो पाप जैसी हो गई है। प्रशासनिक नियुक्तियां पूरी तरह से मौजूदा सरकार का अधिकार क्षेत्र हैं और हर रूटीन फैसले को राजनीतिक रंग देना कतई उचित नहीं है। इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने याद दिलाया कि जब विधानसभा में अनाथों और विधवाओं के कल्याण के लिए सेस (उपकर) बढ़ाने का मुद्दा आया था, तब भाजपा ने उसका पुरजोर विरोध किया था, लेकिन आज वही भाजपा केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई तेल की कीमतों पर पूरी तरह मौन है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केवल 11 दिनों के भीतर पेट्रोल-डीजल के दाम करीब 7 रुपये तक बढ़ा दिए गए, जिससे आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है। दूसरी तरफ, व्यापारियों को राहत देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इंस्पेक्टर राज को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में काम कर रही है और अब दुकानदार अपनी इच्छा से 24 घंटे दुकानें खोल सकते हैं, बशर्ते श्रमिकों को उनका उचित मेहनताना मिले। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनाव के पहले चरण में जनता की भारी भागीदारी पर गहरा संतोष व्यक्त किया। कैबिनेट बैठक को लेकर विपक्ष के घेराव पर मुख्यमंत्री ने साफ किया कि पंचायत चुनावों के दौरान कैबिनेट बैठकें होना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने प्रदेश के राजनीतिक इतिहास और पूर्व की सरकारों का उदाहरण देते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह, प्रेम कुमार धूमल और जय राम ठाकुर के कार्यकाल में भी चुनावी माहौल के दौरान कैबिनेट बैठकों का आयोजन होता रहा है। ऐसे में भाजपा का मौजूदा विरोध केवल सस्ती राजनीतिक बयानबाजी के अलावा और कुछ नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हाल ही में आयोजित कैबिनेट बैठक में आम जनता से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे, जिन पर बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए समय पर निर्णय लेना अनिवार्य था। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि आदर्श आचार संहिता का सम्मान करते हुए इस बैठक की आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग चुनाव परिणाम आने के अगले दिन यानी 1 जून को ही की जाएगी। वीरेंद्र/ईएमएस/27मई 2026