- बोले-किसानों का हक डकार रहे मुनाफाखोर बिलासपुर (ईएमएस)। देश और छत्तीसगढ़ में गहराते खाद संकट को लेकर प्रख्यात समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने बड़ा हमला बोला है। बिलासपुर प्रवास के दौरान आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि खाद की कमी प्राकृतिक नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से पैदा किया गया संकट है। उनके मुताबिक बड़े व्यापारी, बिचौलिए और सप्लाई सिस्टम से जुड़े लोग किसानों का हक मारकर अवैध मुनाफाखोरी कर रहे हैं। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय संरक्षक रघु ठाकुर ने कहा कि प्रदेशभर में किसान यूरिया और डीएपी जैसी जरूरी खाद के लिए भटक रहे हैं। सोसायटियों से लेकर खुले बाजार तक खाद की भारी कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद की सप्लाई और वितरण व्यवस्था में गंभीर गड़बड़ी है। - स्टॉक दबाकर बनाया जा रहा कृत्रिम संकट रघु ठाकुर ने कहा कि बाहर से आने वाली खाद की रैक और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता नहीं है। कुछ व्यापारी जानबूझकर खाद का स्टॉक दबाकर कृत्रिम संकट पैदा कर रहे हैं और बाद में ऊंचे दामों पर ब्लैक मार्केटिंग की जा रही है। उन्होंने मांग की कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और सप्लाई सिस्टम की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ठाकुर ने कहा कि किसान खेतों में परेशान है, जबकि बाजार में मुनाफाखोरी का खेल चल रहा है। - युद्ध अब हथियार कारोबार का जरिया वैश्विक हालात पर टिप्पणी करते हुए रघु ठाकुर ने कहा कि दुनिया में युद्ध अब सिर्फ राजनीतिक संघर्ष नहीं रह गया है, बल्कि हथियार उद्योग को जिंदा रखने का माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और रूस जैसे देशों की अर्थव्यवस्था बड़े स्तर पर हथियार निर्यात पर आधारित है। यही वजह है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लगातार युद्ध की स्थिति बनी रहती है। रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट संकट का असर भारत जैसे देशों पर तेल संकट और महंगाई के रूप में पड़ रहा है। - कृषि भूमि के डायवर्सन पर जताई चिंता रघु ठाकुर ने बिलासपुर समेत प्रदेशभर में तेजी से हो रहे कृषि भूमि के डायवर्सन पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शहरों के आसपास उपजाऊ खेतों को खत्म कर फार्म हाउस, निजी रिसॉर्ट, फैक्ट्रियां और अवैध प्लॉटिंग विकसित की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति जारी रही तो आने वाले समय में खाद्यान्न संकट गंभीर रूप ले सकता है। ठाकुर ने कहा कि खेती की जमीन खत्म होना सिर्फ पर्यावरण का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का भी बड़ा खतरा है। - सौर ऊर्जा ही स्थायी समाधान ऊर्जा संकट और जंगलों की कटाई को लेकर भी रघु ठाकुर ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोयला आधारित बिजली उत्पादन के कारण लगातार जंगल खत्म हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि हर घर को 100 प्रतिशत सोलर सब्सिडी दी जाए, ताकि लोग अपनी बिजली खुद पैदा कर सकें और कोयले पर निर्भरता कम हो। प्रेसवार्ता के दौरान वरिष्ठ साहित्यकार राजकुमार तिवारी, जावेद उस्मानी समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। - 27 मई 2026