मंडला (ईएमएस)। ख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.जे. मोहन्ती ने नवतपा के दौरान लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 25 मई से नवतपा प्रारंभ हो चुका है, जो 2 जून तक रहेगा। इस अवधि में सूर्य की किरणों का प्रभाव अधिक तीव्र होने से तापमान में अधिक वृद्धि होती है, जिससे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन एवं अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अधिक गर्मी के कारण शरीर तेजी से पानी सोखता है और ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है। शरीर में पानी और नमक की कमी होने से कमजोरी, सिरदर्द और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी, आम पना एवं ओआरएस का सेवन करने की सलाह दी गई है। लू लगने पर तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, चक्कर और बेहोशी जैसी स्थिति बन सकती है। नागरिकों से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक घर से बाहर न निकलने तथा सिर और शरीर को कपड़े या गमछे से ढक्कर रखने की अपील की गई है। गर्मी में भोजन जल्दी खराब होने की संभावना रहती है, जिससे फूड पॉइजनिंग और पेट संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बासी भोजन, बाहर के कटे फल और अधिक तला-भुना भोजन खाने से बचने की सलाह दी गई है। इसके स्थान पर हल्का, सुपाच्य एवं ताजा भोजन लेने को कहा गया है। सीएमएचओ ने बताया कि दूषित पानी एवं भोजन के कारण टायफाइड, पीलिया, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों की संभावना भी बढ़ जाती है। वहीं चिकन पॉक्स एवं अन्य वायरल संक्रमणों से बचाव के लिए भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। मच्छरजनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। साथ ही एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखने और ठंडे कमरे से अचानक तेज धूप में बाहर न निकलने की भी सलाह दी गई है। बीपी, हृदय रोग एवं लकवा के मरीजों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। अत्यधिक पसीना निकलने से शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है, जिससे खून गाढ़ा होने और हार्ट अटैक या लकवे का खतरा बढ़ सकता है। वहीं मधुमेह के मरीजों को इंसुलिन को फ्रिज या कूल बैग में सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। नवतपा के दौरान अधिक मसालेदार भोजन, तला हुआ खाना, अत्यधिक चाय-कॉफी, शराब एवं धूम्रपान से बचने तथा खाली पेट धूप में न निकलें। इसके साथ ही खीरा, तरबूज, खरबूजा, बेल का शरबत, सौंफ का पानी, छाछ, जौ का पानी, मूंगदाल एवं खिचड़ी जैसे शीतल और हल्के खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी गई है। ईएमएस / 27/05/2026