जबलपुर (ईएमएस)। जबलपुर के युवा वुशु खिलाड़ी दिव्यांश गुप्ता ने अपने संघर्ष, अनुशासन और लगातार मेहनत के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर और प्रदेश का नाम रोशन किया है। सात वर्ष की उम्र से वुशु का अभ्यास शुरू करने वाले दिव्यांश आज अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी और प्रशिक्षक के रूप में पहचान बना चुके हैं। उनका कहना है कि वुशु जैसे कठिन मार्शल आर्ट खेल में सफलता पाने के लिए लगातार अभ्यास और मानसिक मजबूती बेहद जरूरी होती है। दिव्यांश ने बताया कि शुरुआती दिनों में जबलपुर में वुशु प्रशिक्षण की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन लगातार मेहनत और कोचों के मार्गदर्शन से उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया। इसके बाद उनका चयन भारतीय टीम में हुआ और उन्होंने सिंगापुर तथा शंघाई में आयोजित वर्ल्ड वुशु चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रतिष्ठित एकलव्य पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। हासिल की बड़ी उपलब्धियां... दिव्यांश गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में एक स्वर्ण और तीन कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। वर्ष 2020 में मॉस्को में आयोजित वुशु इंटरनेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया। वहीं वर्ष 2025 में चीन में आयोजित 10वीं वर्ल्ड कुंगफू चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया। राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने 10 स्वर्ण, 14 रजत और 7 कांस्य पदक जीतकर शानदार उपलब्धियां दर्ज की हैं। वर्तमान में दिव्यांश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के रानीताल स्टेडियम में खिलाड़ियों को वुशु प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने का सबसे अच्छा रास्ता है। उन्होंने युवाओं से खेलों में आगे आने और मेहनत को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। सुनील साहू / शहबाज / 27 मई 2026/ 09.00