राष्ट्रीय
28-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन पर घंटों काम करने की आदत तथा गलत तरीके से बैठने के कारण लोगों में आंखों में खिंचाव, पीठ दर्द, गर्दन में जकड़न और शरीर के संतुलन में कमी जैसी समस्या आम होती जा रही हैं। इन समस्याओं निपटने में योग क्रिया में मत्स्यासन आसान तरीका है। आगामी विश्व योग दिवस को ध्यान में रखते हुए आयुष मंत्रालय लगातार विभिन्न योगासनों और उनके लाभों की जानकारी साझा कर रहा है। इसी क्रम में मंत्रालय ने मत्स्यासन को बेहद लाभकारी आसन बताया है, जो शरीर की कई सामान्य लेकिन परेशान करने वाली समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार मत्स्यासन का नियमित अभ्यास शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है। यह आसन विशेष रूप से गर्दन, छाती और कंधों की मांसपेशियों को खोलने में मदद करता है, जिससे शरीर में जकड़न कम होती है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों के आसपास होने वाला तनाव भी इस आसन से कम किया जा सकता है। इसके अलावा गले की मांसपेशियों को आराम मिलने से थायरॉइड ग्रंथि के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मत्स्यासन श्वास संबंधी परेशानियों में भी लाभकारी माना जाता है। इस आसन को करने से फेफड़ों की क्षमता बेहतर होती है और सांस लेने की प्रक्रिया अधिक सहज बनती है। मानसिक तनाव कम करने और मन को शांत रखने में भी यह योगासन सहायक साबित होता है। नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन बेहतर होता है और ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। मत्स्यासन करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल सीधे लेटना होता है। इसके बाद हाथों को शरीर के पास रखते हुए हथेलियों को नीचे की ओर रखें। फिर कोहनियों का सहारा लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं और सिर को पीछे की ओर झुकाकर उसका ऊपरी भाग जमीन से लगाएं। इस दौरान पैरों को सीधा रखा जा सकता है या कमलासन की मुद्रा में भी बैठा जा सकता है। सामान्य गति से सांस लेते हुए 15 से 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहने की सलाह दी जाती है। सुदामा/ईएमएस 28 मई 2026