- 15 जून तक सरकार को भेजा जा सकता है सुझाव भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में यूसीसी यानी समान नागरिक संहिया की तैयारियां तेज हो गई हैं। विधानसभा चुनाव से पहले मध्यप्रेदश की धरती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समान नागरिक संहिता को लेकर ऐलान बड़ा ऐलान किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि एक घर दो कानून से नहीं चल पाएगा। वहीं, अब मध्यप्रदेश में मोहन सरकार यूसीसी लागू करने में तेजी ला रही है। यूसीसीएमपी की वेबसाईट लांच करने के बाद अब 15 जून तक प्रदेश के आम नागरिकों से इस संबंध में सुझाव मांगे गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ये अपील साझा की है। मध्यप्रदेश में यूसीसी लागू करने की तैयारियों में जुटी है सरकार। इस बीच वेबसाइट पर मध्यप्रदेश के आम लोगों से सुझाव मांगे गए हैं। इस वेबसाइट पर प्रदेश भर से लोग समान नागरिक संहिता को लेकर 15 जून तक अपने सुझाव या वे इस संबंध में क्या सोचते हैं, अपनी राय सरकार को भेज सकेंगे। सरकार की इसके पीछे मंशा ये है कि इस प्रोसेस के जरिए सबके सुझावों और सहमति के आधार पर कानून तैयार हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनता ज्यादा से ज्यादा तादात में अपने सुझाव दे। उसी के आधार पर फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। हाईलेवल कमेटी स्टडी के बाद सौंपेगी रिपोर्ट मध्यप्रदेश में यूसीसी को लेकर एक हाईलेवल कमेटी गठित कर दी गई है। समान नागरिक संहिता को लेकर ये कमेटी 60 दिन के भीतर अलग-अलग कानून का अध्ययन करेगी और रिपोर्ट सरकार के सामने पेश करेगी। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रसाद देसाई कर रही हैं। पांच सदस्यीय समिति इनकी अध्यक्षता में है। यूसीसी के दायरे में आएंगे ये मामले यूसीसी के दायरे में शादी-ब्याह, तलाक से लेकर संपत्तियों के मामले जिसमें खासतौर पर परिवार में जायदाद का बंटवारा भी शामिल होंगे। इसके लिए सभी समुदाय और धर्म में अब एक ही नियाम लागू होगा। हालांकि, फाइनल ड्राफ्ट आम लोगों से मिले सुझावों और समिति की स्टडी के बाद तैयार किया जाएगा। मोहन सरकार की तैयारी है कि दीपावली के पहले मध्यप्रेदश में यूसीसी लागू कर दिया जाए। विनोद / 28 मई 26