नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के ओएसएम संकट को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस मामले में कई शिक्षकों और अधिकारियों पर पहले चुप रहने का दबाव बनाया गया और अब उनसे इस व्यवस्था का बचाव करने के लिए कहा जा रहा है। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत में नई बहस शुरू हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार ओएसएम प्रणाली को लेकर लंबे समय से बोर्ड के भीतर असंतोष बना हुआ था। कई शिक्षकों का कहना है कि उन्हें अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखने से रोका गया। कुछ शिक्षकों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने प्रक्रिया में खामियों की ओर ध्यान दिलाने की कोशिश की तो उन्हें “गैग” यानी बोलने से रोकने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि शिक्षकों और अधिकारियों पर सार्वजनिक मंचों पर इस व्यवस्था का समर्थन करने का दबाव महसूस किया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ओएसएम को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। कई शिक्षकों का मानना है कि इससे छात्रों और परीक्षा व्यवस्था दोनों पर असर पड़ सकता है। हालांकि सीबीएसई की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बोर्ड को इस पूरे मामले पर स्पष्टता लानी चाहिए, ताकि छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बनी असमंजस की स्थिति दूर हो सके। इस मुद्दे ने देशभर में परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया और शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता को लेकर फिर से चर्चा तेज कर दी है। सुबोध/२८ -०५-२०२६