राष्ट्रीय
28-May-2026


:: जलगांव जामोद पुलिस ने शिनाख्त कर निर्दोषों को भेजा था जेल; अब थंब इंप्रेशन और बयानों से हुआ सच का खुलासा :: बुरहानपुर/इंदौर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने महाराष्ट्र पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महाराष्ट्र पुलिस ने जिस 26 वर्षीय युवती को मृत मानकर उसके पिता और भाई को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था, वह असल में जिंदा और पूरी तरह सुरक्षित मिली है। मध्य प्रदेश की खाकनार थाना पुलिस ने युवती को ढूंढ निकाला है, जिसके बाद अब निर्दोष पिता-भाई की रिहाई के प्रयास शुरू हो गए हैं। खाकनार थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में ग्राम खड़की निवासी शिवानी बापूराम कालमेकर और अरुण दादू कालमेकर (24) के लापता होने की शिकायत परिजनों ने दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के दौरान पता चला कि अरुण महाराष्ट्र के नासिक के पास मजदूरी कर रहा था और लापता शिवानी भी उसी के साथ रह रही थी। सूचना पुख्ता होते ही पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों को सकुशल दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने अंगूठे के निशान (थंब इंप्रेशन) के सत्यापन, पंचनामा और रिश्तेदारों के बयानों जैसी सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर पुष्टि की है कि मिली हुई युवती ही शिवानी है। :: अंधे कत्ल की गलत शिनाख्त ने निर्दोषों को पहुंचाया जेल :: दरअसल, बुरहानपुर से सटे महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के जलगांव जामोद थाना क्षेत्र में बीती 26 अप्रैल को एक अज्ञात युवती का बिना सिर का और आंशिक रूप से जला हुआ शव बरामद हुआ था। महाराष्ट्र पुलिस ने इस अंधे कत्ल की तफ्तीश करते हुए बिना पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों के उस शव को बुरहानपुर की लापता शिवानी के रूप में चिन्हित कर दिया। इसी गलत शिनाख्त के आधार पर जलगांव जामोद पुलिस ने शिवानी के पिता बापूराम कालमेकर (55) और भाई अजय कालमेकर (27) को हत्या के संगीन आरोपों में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। :: मैं जिंदा हूं, मेरे पिता और भाई को रिहा करो :: खाकनार पुलिस ने अब आधिकारिक तौर पर महाराष्ट्र पुलिस को सूचित कर दिया है कि जिस शिवानी को वे मृत मान चुके थे, वह जीवित है। इस बड़ी लापरवाही को लेकर बुरहानपुर के स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। वहीं खुद को जिंदा देख शिवानी ने मीडिया से कहा, मैं पूरी तरह जिंदा हूं और मेरे साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ है। पुलिस ने मेरे बेकसूर पिता और भाई को जेल में डाल दिया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। इधर, जलगांव जामोद थाने के निरीक्षक नितिन पाटिल ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस से शिवानी के जिंदा होने की सूचना मिली है। जानकारी का सत्यापन करने के लिए युवती को थाने बुलाया गया है, जहां उसका बयान दर्ज कर आगे की वैधानिक व कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी ताकि जेल में बंद आरोपियों की रिहाई का रास्ता साफ हो सके। प्रकाश/28 मई 2026