नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत के मशहूर आमों को लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में नया संकट खड़ा हो गया है। जापान ने भारतीय आमों के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसके बाद निर्यातकों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जापानी अधिकारियों को कुछ खेपों में कीट नियंत्रण और गुणवत्ता मानकों से जुड़ी खामियां मिली थीं, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। भारत से हर साल बड़ी मात्रा में अल्फांसो, केसर और बंगनपल्ली जैसी लोकप्रिय किस्मों के आम जापान भेजे जाते हैं। खासतौर पर महाराष्ट्र, गुजरात और आंध्र प्रदेश के आमों की जापान में अच्छी मांग रहती है। लेकिन नए प्रतिबंध के बाद निर्यातकों को भारी नुकसान की आशंका है। रिपोर्ट के अनुसार जापान में भारतीय आमों की कमी का फायदा अब दूसरे देश उठा रहे हैं। थाईलैंड, फिलीपींस और मेक्सिको जैसे देशों से आमों की सप्लाई बढ़ाई जा रही है, जिससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा और कठिन हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जापान दुनिया के सबसे सख्त खाद्य गुणवत्ता मानकों वाले देशों में शामिल है। वहां फलों के आयात के लिए बेहद कठोर जांच प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसे में भारतीय एजेंसियों और निर्यातकों को गुणवत्ता नियंत्रण और फाइटोसैनिटरी नियमों का और सख्ती से पालन करना होगा। भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है और आम को भारतीय संस्कृति और कृषि अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा माना जाता है। ऐसे में जापान का यह कदम भारतीय आम उद्योग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि निर्यातक उम्मीद जता रहे हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद जल्द समाधान निकल सकता है। सुबोध/२८ -०५-२०२६