राज्य
29-May-2026
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:: “नंद में आनंद भयो जय कन्हैयालाल की” के जयकारों से झूम उठा समूचा पंडाल; आज होगी गोवर्धन पूजा :: इंदौर (ईएमएस)। भगवान श्रीकृष्ण ने समाज से राक्षसी प्रवृत्तियों के अंत और धर्म की स्थापना के लिए ही धराधाम पर अवतार लिया था। संसार के तमाम संकट और विवाद वहीं जन्म लेते हैं, जहां मर्यादा की लक्ष्मण रेखा को लांघा जाता है। श्रीकृष्ण और प्रभु श्रीराम के पावन चरित्र आज हजारों वर्ष बाद भी इसीलिए वंदनीय और पूजनीय हैं, क्योंकि दुष्टों का नाश कर भक्तों की रक्षा करने का उनका संकल्प आज भी जन-जन को संबल प्रदान करता है। यह प्रेरक उद्गार श्री मालवा मील अग्रवाल पंचायत की मेजबानी में वाय. एन. रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला में चल रहे भागवत ज्ञान यज्ञ के दौरान व्यक्त किए गए। कथा के चौथे दिन शुक्रवार को पंडाल में प्रभु श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बेहद धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। जैसे ही व्यासपीठ से भगवान के प्राकट्य का प्रसंग आया, पूरा कथा स्थल “नंद में आनंद भयो जय कन्हैयालाल की” के भजनों और जयकारों से झूम उठा। इस पावन घड़ी में समूचे पंडाल में माखन-मिश्री और खिलौनों की वर्षा की गई, जिससे श्रद्धालु भावविभोर होकर नाचने लगे। महिला मंडल की अध्यक्ष मोनिका पोद्दार, नीलू अग्रवाल, सरोज गोयल, बबीता अग्रवाल और शैली अग्रवाल ने पूरे कथा स्थल को फूलों और गुब्बारों से भव्य रूप से सजाया। जन्मोत्सव के बाद बाल गोपाल का विशेष श्रृंगार कर उन्हें पालने में झुलाया गया और माखन-मिश्री का भोग लगाया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुशीला अग्रवाल ने किया एवं आभार मनोहर अग्रवाल ने माना। पंचायत के अध्यक्ष गोविंद गर्ग, मंत्री सुशील अग्रवाल, संयोजक राजेश अग्रवाल, अर्पण गर्ग एवं उमेश मंगल ने बताया कि शुक्रवार को मुख्य यजमान श्यामा-नरेश मित्तल, संजय बांकड़ा, कैलाश काका, विनोद मंगल, विक्की मित्तल, शिव खंडेलवाल और प्रमोद तिवारी ने व्यासपीठ का विधि-विधान से पूजन किया। इससे पूर्व केंद्रीय समिति के पूर्व अध्यक्ष संतोष गोयल सहित अशोक अग्रवाल, सतीश मंगल और अन्य वरिष्ठों ने कथावाचक की भावभीनी अगवानी की। शनिवार 30 मई को गोवर्धन पूजन, छप्पन भोग दर्शन और फूलों की होली का भव्य आयोजन होगा। इसके बाद 31 मई को रुक्मणी विवाह और 1 जून को सुदामा चरित्र प्रसंग व यज्ञ-हवन के साथ इस अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी।