:: विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर हॉस्टलों और आंगनवाड़ियों में पहुंची टीमें; किशोरियों को बांटे गए सैनिटरी नैपकिन, दूर किए गए सामाजिक मिथक :: इंदौर (ईएमएस)। समाज के अनेक हिस्सों में आज भी माहवारी (पीरियड्स) को लेकर भ्रांतियां और संकोच की भावना बनी हुई है, जिसे दूर करना और किशोरियों को सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवहार से जोड़ना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में व्यापक जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी के मार्गदर्शन और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शरद गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न टीमों ने मैदानी स्तर पर मोर्चा संभाला। इस विशेष अभियान के तहत जीवन ज्योति हॉस्टल (राऊ) और सिविल चिकित्सालय (महू) सहित जिले की समस्त शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेष कार्यक्रम हुए। इसके अलावा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित मोबाइल हेल्थ टीमों ने विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों और छात्रावासों का रुख किया। यहाँ बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं और किशोरियों का न केवल स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, बल्कि उन्हें सेनेटरी नैपकिन का निःशुल्क वितरण भी किया गया। :: लापरवाही से संक्रमण का खतरा, जागरूक होना जरूरी :: स्वास्थ्य शिविरों में विशेषज्ञों ने किशोरियों को सीधे संवाद के जरिए जागरूक किया। कार्यक्रम में बताया गया कि पीरियड्स के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान न रखने पर गंभीर संक्रमण (Infection) और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं घेर सकती हैं। इसलिए महिलाओं को सुरक्षित स्वास्थ्य के लिए हमेशा सैनिटरी पैड, पूरी तरह स्वच्छ कपड़े और साफ पानी का ही उपयोग करना चाहिए। :: सुविधाओं के अभाव में छूट जाती है पढ़ाई :: जागरूकता सत्र के दौरान एक बेहद गंभीर विषय पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने बताया कि देश में आज भी अनेक किशोरियां माहवारी के दिनों में आवश्यक सुविधाओं और संकोच के कारण विद्यालय नहीं जा पाती हैं, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित होती है। यह दिवस उन्हें शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉक्टरों ने दो टूक कहा कि यह एक पूरी तरह प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है, जिसे लेकर किसी भी प्रकार की शर्म या झिझक मन में नहीं रखनी चाहिए। :: आखिर 28 मई को ही क्यों मनाया जाता है यह दिवस? अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि इस दिवस के लिए 28 मई की तारीख ही क्यों चुनी गई। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों ने इसके पीछे का वैज्ञानिक और जैविक कारण भी स्पष्ट किया। महिलाओं में सामान्य माहवारी चक्र (Menstrual Cycle) औसतन 28 दिनों का होता है और इस चक्र के दौरान माहवारी की अवधि लगभग 5 दिनों की मानी जाती है। इसी 28 और 5 (28/5) के अनूठे गणित के आधार पर पूरे विश्व में हर साल 28 मई को विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि इसके प्रति सामाजिक संकोच को तोड़कर जागरूकता की नई अलख जगाई जा सके।