29-May-2026
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मुंबई में किया संघर्ष, अब बड़े पर्दे से मिलेगी नई पहचान जून माह में रिलीज होगी फिल्म बालाघाट (ईएमएस). प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। छोटे शहर या गांव से निकलकर भी कलाकार अपनी पहचान बना सकता है—इसी बात को सच कर दिखाया है बालाघाट जिले के युवा कलाकार मोहम्मद नवाज खान ने, जिन्हें अब बड़े पर्दे पर फिल्म ‘गर्वनर’ में अभिनय का मौका मिला है। शुक्रवार को शहर के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में नवाज खान ने बताया कि उनके अंदर कला का बीज परिवार से ही पड़ा। उनके पिता मोहम्मद फैय्याज खान भारतीय नौसेना में कार्यरत रहे हैं और उन्हें भी थिएटर से विशेष लगाव था। बचपन में पिता को मंच पर अभिनय करते देख नवाज के मन में भी अभिनय के प्रति रुचि विकसित हुई। नवाज ने बताया कि परिवार के मार्गदर्शन में उन्होंने पहले अपनी पढ़ाई पूरी की और फिर अभिनय के क्षेत्र में कदम रखा। उन्होंने महाराजा छत्रपति शिवाजी यूनिवर्सिटी, बड़ौदा से बैचलर और मास्टर की पढ़ाई के दौरान तीन वर्षों तक थिएटर का गहन प्रशिक्षण लिया। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों—गोवा, मुंबई, दिल्ली, मणिपुर सहित कई स्थानों पर मंचन किया। कोविड काल में उनके सफर में कुछ समय के लिए विराम लगा, लेकिन उन्होंने हैदराबाद से अपनी मास्टर डिग्री पूरी की और वर्ष 2024 में मुंबई का रुख किया। मुंबई में थिएटर के साथ-साथ ग्राफिक डिजाइनिंग का कार्य करते हुए उन्होंने फिल्मों में अवसर पाने के लिए लगातार प्रयास जारी रखा। उन्होंने बताया कि इसी दौरान उनकी मुलाकात कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा से हुई, जिन्होंने उनके अभिनय से प्रभावित होकर अक्टूबर में फिल्म ‘गर्वनर’ में काम करने का मौका दिया। इस फिल्म में नवाज खान ने प्रमुख अभिनेता मनोज बाजपेयी के साथ अभिनय किया है। यह फिल्म जून में रिलीज होने जा रही है। फिल्म ‘गर्वनर’ वर्ष 1990 में भारत में आए आर्थिक संकट की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें उस दौर के गवर्नर वेंकटरमण और वित्त मंत्री मनमोहन सिंह की भूमिका को दर्शाया गया है। नवाज ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि मुंबई में अवसर पाना आसान नहीं होता। कलाकारों को लगातार ऑडिशन देने पड़ते हैं और लंबी कतारों से गुजरना पड़ता है, लेकिन जिनमें हुनर और आत्मविश्वास होता है, वे अंतत: अपनी मंजिल तक पहुंच ही जाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में उन्हें और भी फिल्मों में काम करने का अवसर मिलेगा और वे अपने जिले का नाम रोशन करेंगे।