मनोरंजन
30-May-2026
...


मुंबई (ईएमएस)। देश की गुजराती फिल्म इंडस्ट्री में ऐसी फिल्मों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो मनोरंजन के साथ समाज को मजबूत संदेश भी देती हैं। ऐसी ही एक गुजराती फिल्म ‘भमरदो’ चर्चा में बनी हुई है। फिल्म ‘भमरदो’ में अभिनेता हेतल पुनीवाला अहम भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म, अपने किरदार और शूटिंग के अनुभव को लेकर हेतल पुनीवाला ने बताया कि फिल्म में उनका किरदार बच्चों को ‘भमरदो’ नाम की प्रतियोगिता के बारे में समझाता है। वह बच्चों को बताता है कि अगर कोई इस प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करता है, तो उसे स्कॉलरशिप भी मिल सकती है। कहानी एक ऐसे बच्चे के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे शुरुआत में इस खेल के बारे में कुछ भी पता नहीं होता। उसे यह भी नहीं मालूम होता कि ‘भमरदो’ आखिर खेला कैसे जाता है। इसके बाद फिल्म उस बच्चे के संघर्ष, मेहनत और सीखने की यात्रा को दिखाती है, जिसमें वह आर्थिक परेशानियों के बावजूद हार नहीं मानता और प्रतियोगिता तक पहुंचने की कोशिश करता है। अपने किरदार को लेकर बात करते हुए हेतल ने कहा कि शुरुआत में उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह भूमिका इतनी भावुक और असरदार साबित होगी। उनके मुताबिक फिल्म में कई ऐसे दृश्य हैं, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से गहराई तक छू सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में वैसी ही संवेदनशीलता और भावनात्मक गहराई देखने को मिलेगी, जैसी लोगों ने आमिर खान की चर्चित फिल्म तारे जमीन पर में महसूस की थी। हेतल ने यह भी बताया कि जब फिल्म की शूटिंग शुरू हुई थी, तब उन्हें पूरी कहानी की जानकारी नहीं थी। उन्हें केवल अपने किरदार के बारे में बताया गया था। इसी वजह से शुरुआत में वह थोड़े असमंजस में थे कि फिल्म किस दिशा में आगे बढ़ेगी। हालांकि बाद में जब उन्होंने पूरी फिल्म देखी तो उन्हें महसूस हुआ कि यह बेहद दिल को छू लेने वाली कहानी है। अभिनेता का मानना है कि दर्शक इस फिल्म से खुद को आसानी से जोड़ पाएंगे। अभिनेता ने एक और रोचक किस्सा साझा करते हुए बताया कि वह लगभग इस फिल्म का हिस्सा बनने से चूक गए थे। उनकी शूटिंग की तारीखें किसी दूसरी परियोजना से टकरा रही थीं, जिसके कारण वह फिल्म करने को लेकर असमंजस में थे। तभी प्रसिद्ध शख्सियत बाबूभाई थेबा ने उन्हें फोन कर फिल्म और किरदार की अहमियत के बारे में विस्तार से बताया। हेतल ने कहा कि वह बाबूभाई पर काफी भरोसा करते हैं और उनकी बात सुनने के बाद उन्होंने तुरंत फिल्म के लिए हामी भर दी। शूटिंग का अनुभव भी टीम के लिए आसान नहीं रहा। हेतल के अनुसार फिल्म की ज्यादातर शूटिंग दिन के समय हुई, जब तापमान लगभग 44 डिग्री तक पहुंच जाता था। इतनी भीषण गर्मी में लगातार काम करना काफी मुश्किल था। सुदामा/ईएमएस 30 मई 2026